फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Malaria will save the medicated mesh

यह है मेडिकेटेड़ जाली, मच्छर सम्पर्क में आते ही मर जाएगा

Sun, 02 Apr 2017 04:49 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Sun, 02 Apr 2017 04:49 PM IST
विज्ञापन
Malaria will save the medicated mesh
राजस्थान का स्वास्थ्य विभाग मलेरिया के मामले में संवेदनशील इलाकों में मलेरिया नियंत्रण के लिए तरह—तरह के जतन कर रहा हैं। इन दिनों मच्छर मारने के लिए मेडिकेटेड़ जाली के उपयोग की सार्थकता का परीक्षण चल रहा है।
विज्ञापन


यह पायलट प्रोजेक्ट कोटा के मंडाना गांव में शुरु किया गया है। सफल रहा तो अन्य क्षेत्रों में भी मच्छर मारने की ये तकनीक अपनाई जा सकती है। डब्ल्यूएचओ द्वारा चलाए जा रहे नेशनल वेक्टर वार्न डिजिज प्रोग्राम के तहत कोटा जिले को 9300 जालियां मिली हैं। ये जालियां सभी तरह के साइज में सिंगल, डबल और यहां तक की तीन—चार मेंबरों के लिए भी डिजाइन की गई है।
विज्ञापन


विशेषज्ञों के अनुसार प्रति एक हजार की आबादी में एक या दो से मलेरिया रोगी सामने आना तय मानक से ज्यादा है। इसे एनुअल पेराक्साइड इंसीडेंस माना जाता है। कोटा में कई इलाके ऐसे हैं जहां एनुअल पेराक्साइड इंसीडेंस ज्यादा है, इनमें से एक मंडाना गांव भी है। कार्यवाह सीएमएचओ डॉ.आर.के. लवानिया का कहना है कि मंडाना में यह प्रोजेक्ट सफल रहा तो मेडिकेटेड जालियां अन्य क्षेत्रों में भी बंटवाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed