{"_id":"591955754f1c1bcb3bf22809","slug":"labor-died-during-digging-pit-in-sikar","type":"story","status":"publish","title_hn":"खड्डा खोदते समय मिट्टी ढही,मजदूर की मौत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खड्डा खोदते समय मिट्टी ढही,मजदूर की मौत
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 15 May 2017 12:45 PM IST
विज्ञापन
मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीकर जिले के दांतारामगढ़ उपखण्ड मुख्यालय पर रविवार को सेफ्टी टैंक (गटर) का खड्डा खोदते समय मिट्टी खिसक गई जिससे खड्डा खोद रहे दांतारामगढ़ निवासी मजदूर श्रवण कुमावत की मौत हो गई।
दांतारामगढ़ के मुख्य बाजार में तहसील कार्यालय से महज पचास मीटर की दूरी पर एक निर्माणाधीन दुकान के बाहर सड़क पर सेफ्टी टैंक की कुई खोदी जा रही थी श्रवण अंदर से मिट्टी निकाल रहा था दूसरा मजदूर बाहर मिट्टी खींच रहा था अचानक मिट्टी ढह जाने से श्रवण खड्डे में ही दब गया। आसपास के लोगों ने पहले मिट्टी निकालना शुरू किया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीबी से मिट्टी निकालना शुरू किया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद श्रवण का शव निकाल लिया गया तथा मजदूर को 108 एंबुलैंस की मदद से अस्पताल ले जाया गया मगर श्रवण इससे पहले की दम तोड़ चुका था।
विज्ञापन
उपखण्ड मुख्यालय पर हुए हादसे में करीब दो घंटे के दौरान एसडीएम, तहसीलदार आदि एक भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा इससे लोगों में रोष व्याप्त हो गया वहीं मृतक के परिजनों ने मुआवजे की मांग की है। यह खड्डा भी पंचायत की अनुमति के बिना ही खोदा जा रहा था।
विज्ञापन
दांतारामगढ़ के मुख्य बाजार में तहसील कार्यालय से महज पचास मीटर की दूरी पर एक निर्माणाधीन दुकान के बाहर सड़क पर सेफ्टी टैंक की कुई खोदी जा रही थी श्रवण अंदर से मिट्टी निकाल रहा था दूसरा मजदूर बाहर मिट्टी खींच रहा था अचानक मिट्टी ढह जाने से श्रवण खड्डे में ही दब गया। आसपास के लोगों ने पहले मिट्टी निकालना शुरू किया।
विज्ञापन
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीबी से मिट्टी निकालना शुरू किया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद श्रवण का शव निकाल लिया गया तथा मजदूर को 108 एंबुलैंस की मदद से अस्पताल ले जाया गया मगर श्रवण इससे पहले की दम तोड़ चुका था।
विज्ञापन
उपखण्ड मुख्यालय पर हुए हादसे में करीब दो घंटे के दौरान एसडीएम, तहसीलदार आदि एक भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा इससे लोगों में रोष व्याप्त हो गया वहीं मृतक के परिजनों ने मुआवजे की मांग की है। यह खड्डा भी पंचायत की अनुमति के बिना ही खोदा जा रहा था।