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जाट आरक्षण: फिर उग्र हो गया जाट आंदोलन, आगजनी, ट्रैक उखाड़े, सड़कें जाम
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 24 Jun 2017 11:11 AM IST
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जाट आंदोलनकारी रेलवे ट्रेक पर।
- फोटो : amar ujala
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भरतपुर-धौलपुर के जाट समाज का आरक्षण आंदोलन फिर उग्र हो गया है। आंदोलनकारियों ने भरतपुर के कुम्हेर कस्बे को बंद करा दिया है। वहीं आंदोलनकारियों ने पपरेर स्टेशन पर रेललाइन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है। भरतपुर रेल व सड़क यातायात से शनिवार को दूसरे दिन भी कटा रहा।
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आंदोलन के चलते भरतपुर, धौलपुर व यूपी की ओर जाने वाली राजस्थान रोडवेज की बसों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहीं आंदोलन प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से 30 जून तक धारा-144 लगा दी है।
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राज्य के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने जाटों से अपील की है कि वे उग्र न हों सरकार उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक है। दो दिन से चल रहे आंदोलन से अब जनजीवन प्रभावित होने लगा हैं। रेल व बस सेवा प्रभावित होने के कारण लोगों को भारी असुविधा हो रही है।
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सुप्रीम कोर्ट का निर्णय और जाट समाज की मांग, जानें
उग्र हुआ जाट आरक्षण आंदोलन
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि भरतपुर और धौलपुर जिले के जाटों के आरक्षण को लेकर ओबीसी कमीशन ने अपनी रिपोर्ट बृहस्पतिवार को राज्य सरकार को सौंप दी थी। साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने धौलपुर और भरतपुर के जाटों का ओबीसी आरक्षण सूची से हटा दिया था।
आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट को सार्वजनिक करे और लिखित में यह बताए कि जाटों को आरक्षण का लाभ कब तक मिल जाएगा।
आंदोलन के उग्र होने के कारण गर्मी की छुट्टियां खत्म होने को है और इस कारण बस व रेलवे स्टेशनों पर काफी भीड़ है। लेकिन आंदोलन के चलते लोग जहां-तहां फंस गए है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट को सार्वजनिक करे और लिखित में यह बताए कि जाटों को आरक्षण का लाभ कब तक मिल जाएगा।
आंदोलन के उग्र होने के कारण गर्मी की छुट्टियां खत्म होने को है और इस कारण बस व रेलवे स्टेशनों पर काफी भीड़ है। लेकिन आंदोलन के चलते लोग जहां-तहां फंस गए है।