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अप्पू घर से लीज राशि वसूलने पर हाईकोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 28 Jun 2017 05:54 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने अप्पू घर से करीब 18 करोड़ रुपए की लीज राशि वसूलने पर आज अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने राज्य सरकार, जेडीए और जिला कलक्टर सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायाधीश एसपी शर्मा की अवकाशकालीन एकलपीठ ने यह आदेश इंटरनेशनल एम्यूजमेंट की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि जेडीए ने गत दिनों याचिकाकर्ता की ओर से संचालित अप्पू घर की भूमि की वर्ष 2013 से 2017 तक की लीज और पेनल्टी के रूप में करीब 18 करोड़ रुपए की रिकवरी निकाल दी। वहीं इस राशि वसूली के लिए जिला कलक्टर को पत्र लिख दिया। कलक्टर की ओर से याचिकाकर्ता को सूचित किया गया कि बकाया वसूली नहीं होने पर संपत्ति को सील कर दिया जाएगा।
याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता की भूमि अविकसित भूमि है। जेडीए ने अरबन लीज रेंट के तहत बकाया वसूली की कार्रवाई आरंभ की है। जबकि इस भूमि पर अरबन लीज रेंट के नियम लागू ही नहीं होते हैं। ऐसे में उससे की जा रही वसूली गलत है। यदि याचिकाकर्ता के किसी तरह की बकाया वसूली की जा सकती है तो वह पब्लिक डिमांड रिकवरी एक्ट के तहत ही हो सकती है।
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याचिकाकर्ता की ओर से लीज राशि वसूलने के संबंध में राज्य सरकार के समक्ष अपनी आपत्तियां भी पेश कर रखी हैं। इन आपत्तियों का निस्तारण भी अभी तक नहीं किया गया है। ऐसे में याचिकाकर्ता से की जा रही वसूली की कार्रवाई गलत है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने लीज वसूली पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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न्यायाधीश एसपी शर्मा की अवकाशकालीन एकलपीठ ने यह आदेश इंटरनेशनल एम्यूजमेंट की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि जेडीए ने गत दिनों याचिकाकर्ता की ओर से संचालित अप्पू घर की भूमि की वर्ष 2013 से 2017 तक की लीज और पेनल्टी के रूप में करीब 18 करोड़ रुपए की रिकवरी निकाल दी। वहीं इस राशि वसूली के लिए जिला कलक्टर को पत्र लिख दिया। कलक्टर की ओर से याचिकाकर्ता को सूचित किया गया कि बकाया वसूली नहीं होने पर संपत्ति को सील कर दिया जाएगा।
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याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता की भूमि अविकसित भूमि है। जेडीए ने अरबन लीज रेंट के तहत बकाया वसूली की कार्रवाई आरंभ की है। जबकि इस भूमि पर अरबन लीज रेंट के नियम लागू ही नहीं होते हैं। ऐसे में उससे की जा रही वसूली गलत है। यदि याचिकाकर्ता के किसी तरह की बकाया वसूली की जा सकती है तो वह पब्लिक डिमांड रिकवरी एक्ट के तहत ही हो सकती है।
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याचिकाकर्ता की ओर से लीज राशि वसूलने के संबंध में राज्य सरकार के समक्ष अपनी आपत्तियां भी पेश कर रखी हैं। इन आपत्तियों का निस्तारण भी अभी तक नहीं किया गया है। ऐसे में याचिकाकर्ता से की जा रही वसूली की कार्रवाई गलत है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने लीज वसूली पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।