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अनोखा शादी कार्ड: जिसके घर शौचालय न हो, कृपया जीमने न पधारें
मनीष कुमार शर्मा/जयपुर
Updated Fri, 28 Apr 2017 10:11 AM IST
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शादी के कार्ड पर छपा स्वच्छ भारत का संदेश
- फोटो : amar ujala
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राजसमंद जिले की नाथद्वारा तहसील में एक अनोखी पहल सामने आई है। यहां एक व्यक्ति ने अपने यहां शादी के आयोजन के लिए छपाए गए कार्ड पर शौचालय नहीं होने पर जिमने नहीं आने की बात कह दी है।
दरअसल, खमनोर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत उपली ओड़न के गांव डिंगेला के रहने वाले लालसिंह कितावत के यहां आगामी 6 मई 2017 को भाई राजेन्द्र सिंह की शादी है। इससे पहले जब वे सरपंच सुरेशचंद्र जलानिया से मिले तो उनके मन में ग्राम पंचायत को ओडीएफ मुक्त करने के लिए कुछ अलग करने की सोची। इसी दौरान सरपंच सुरेशचंद्र ने उन्हें शादी के निमंत्रण पत्र पर स्वच्छ भारत अभियान को बढ़ावा देने वाला स्लोगन लिखने की बात कही।
इस पर लालसिंह ने शादी के छपाये हुए कार्ड पर साफ—साफ शब्दों में ये लिख दिया है कि जिसके घर शौचालय न हो, कृपया जीमने न पधारें और नीचे स्वच्छ भारत मिशन भी लिखा है। इस स्लोगन से कोई रिश्तेदार या ग्रामीण नाराज हो तो इससे उन्हें कोई सरोकार नहीं है।
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उनका केवल एक ही उद्देश्य है कि ग्राम पंचायत में सभी घरों में शौचालय का निर्माण हो। लालसिंह ने बताया कि वे खुद भी स्वच्छ भारत अभियान के प्रति जागरूक हैं और लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करते हैं।
उनका कहना है कि जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं देश को स्वच्छ बनाने के लिए जुटे हुए हैं तो उन्हें भी देश का नागरिक होने का फर्ज निभाते हुए स्वच्छ भारत अभियान को समर्थन देना चाहिए। उन्होंने बताया कि अभी उनके गांव में करीब बीस प्रतिशत घरों में शौचालय नहीं हैं।
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दरअसल, खमनोर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत उपली ओड़न के गांव डिंगेला के रहने वाले लालसिंह कितावत के यहां आगामी 6 मई 2017 को भाई राजेन्द्र सिंह की शादी है। इससे पहले जब वे सरपंच सुरेशचंद्र जलानिया से मिले तो उनके मन में ग्राम पंचायत को ओडीएफ मुक्त करने के लिए कुछ अलग करने की सोची। इसी दौरान सरपंच सुरेशचंद्र ने उन्हें शादी के निमंत्रण पत्र पर स्वच्छ भारत अभियान को बढ़ावा देने वाला स्लोगन लिखने की बात कही।
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इस पर लालसिंह ने शादी के छपाये हुए कार्ड पर साफ—साफ शब्दों में ये लिख दिया है कि जिसके घर शौचालय न हो, कृपया जीमने न पधारें और नीचे स्वच्छ भारत मिशन भी लिखा है। इस स्लोगन से कोई रिश्तेदार या ग्रामीण नाराज हो तो इससे उन्हें कोई सरोकार नहीं है।
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उनका केवल एक ही उद्देश्य है कि ग्राम पंचायत में सभी घरों में शौचालय का निर्माण हो। लालसिंह ने बताया कि वे खुद भी स्वच्छ भारत अभियान के प्रति जागरूक हैं और लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करते हैं।
उनका कहना है कि जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं देश को स्वच्छ बनाने के लिए जुटे हुए हैं तो उन्हें भी देश का नागरिक होने का फर्ज निभाते हुए स्वच्छ भारत अभियान को समर्थन देना चाहिए। उन्होंने बताया कि अभी उनके गांव में करीब बीस प्रतिशत घरों में शौचालय नहीं हैं।
प्रधानमंत्री ने पलट कर किया ये ट्वीट
मोदी के द्वारा आकाश को किया गया टविट
- फोटो : amar ujala
एक अन्य मामले के तहत मैसूर में रह रहे राजस्थान के जालौर के भोरडा गांव के मूल निवासी आकाश जैन ने भी अपनी बहन प्रतीक्षा की शादी के कार्ड पर भी स्वच्छ भारत अभियान का लोगो छपवाया है। प्रतीक्षा की शादी 29 अप्रैल को जोधपुर में होगी।
आकाश ने शादी का कार्ड मोदी के ट्विटर पर भी शेयर किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को टिवट करते हुए लिखा है कि मेरे पिता विशेष तौर पर चाहते थे कि स्वच्छ भारत अभियान का लोगो बहन की शादी के कार्ड पर छपे, इसे छपवा दिया है। इसके बाद मोदी ने उनकी पहल को सराहा है।
आकाश का कहना है कि पिता कांतिलाल सालेचा काफी समय से नरेंद्र मोदी को फॉलो कर रहे हैं। मोदी की हर पहल का अनुसरण करते आए हैं। उनकी इच्छा थी कि शादी के कार्ड के जरिए स्वच्छ भारत अभियान का संदेश लोगों तक पहुंचाया जाए।
सोशल साइट्स कंपनी में काम करने वाले आकाश बताते हैं कि उनकी बहन ने भी नरेन्द्र मोदी के अभियान के लिए अपने शादी के कार्ड पर अभियान का लोगों छपाने को अच्छा कदम बताया। बहन प्रतीक्षा ने बीसीए किया है और इंफोसिस कंपनी में करीब तीन साल आईटी एक्सपर्ट के रूप में कार्य कर चुकी हैं।
इससे पहले झालावाड़ नगर परिषद में फायरमैन नसरत अली की बेटी सदफ की शादी का कार्ड लोगों के लिए कौतुहल बना हुआ था। इन्होंने कार्ड पर एक कदम स्वच्छता की ओर तथा बेटी बचाओ—बेटी पढ़ाओ का संदेश छपवाया था। धौलपुर जिले में तो एक युवती ने मामले में मिसाल पेश की।
पिपहेरा गांव की बाड़ी में रहने वाली पूनम ने दूल्हे के घर में शौचालय नहीं होने पर शादी से इनकार कर दिया था। इसके बाद जब वर पक्ष के लोगों ने घर में शौचालय बनाया तब जाकर 8 फरवरी 2015 को पूनम ने शादी की।
आकाश ने शादी का कार्ड मोदी के ट्विटर पर भी शेयर किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को टिवट करते हुए लिखा है कि मेरे पिता विशेष तौर पर चाहते थे कि स्वच्छ भारत अभियान का लोगो बहन की शादी के कार्ड पर छपे, इसे छपवा दिया है। इसके बाद मोदी ने उनकी पहल को सराहा है।
आकाश का कहना है कि पिता कांतिलाल सालेचा काफी समय से नरेंद्र मोदी को फॉलो कर रहे हैं। मोदी की हर पहल का अनुसरण करते आए हैं। उनकी इच्छा थी कि शादी के कार्ड के जरिए स्वच्छ भारत अभियान का संदेश लोगों तक पहुंचाया जाए।
सोशल साइट्स कंपनी में काम करने वाले आकाश बताते हैं कि उनकी बहन ने भी नरेन्द्र मोदी के अभियान के लिए अपने शादी के कार्ड पर अभियान का लोगों छपाने को अच्छा कदम बताया। बहन प्रतीक्षा ने बीसीए किया है और इंफोसिस कंपनी में करीब तीन साल आईटी एक्सपर्ट के रूप में कार्य कर चुकी हैं।
इससे पहले झालावाड़ नगर परिषद में फायरमैन नसरत अली की बेटी सदफ की शादी का कार्ड लोगों के लिए कौतुहल बना हुआ था। इन्होंने कार्ड पर एक कदम स्वच्छता की ओर तथा बेटी बचाओ—बेटी पढ़ाओ का संदेश छपवाया था। धौलपुर जिले में तो एक युवती ने मामले में मिसाल पेश की।
पिपहेरा गांव की बाड़ी में रहने वाली पूनम ने दूल्हे के घर में शौचालय नहीं होने पर शादी से इनकार कर दिया था। इसके बाद जब वर पक्ष के लोगों ने घर में शौचालय बनाया तब जाकर 8 फरवरी 2015 को पूनम ने शादी की।