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बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष को मिला हाईकोर्ट का नोटिस, ये है मामला
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 09 Feb 2018 07:32 PM IST
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अशोक परनामी
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राजस्थान हाईकोर्ट ने निचली अदालत की ओर से निर्माण पर तोड़फोड़ करने पर रोक लगाने के बावजूद भी निगम की ओर से कार्रवाई करने पर तत्कालीन महापौर और वर्तमान में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी सहित नगर निगम के अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायाधीश एसपी शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश राजा लक्ष्मण सिंह व जुम्मा खान की याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता हंसराज कुलदीप ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता की संसारचंद रोड पर अमर विजय कॉम्पलैक्स पर टीनशेड की दुकान थी। निचली अदालत ने 13 जनवरी 2003 को आदेश जारी कर नगर निगम को टीनशेड ना हटाने के लिए पाबंद किया था। इसके बावजूद भी 21 दिसंबर 2006 को निगम ने तोड़फोड़ कर टीनशेड हटा दिया।
याचिकाकर्ता की ओर से इस संबंध में निचली अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर आपत्ति दर्ज कराई गई। जिसे निचली अदालत ने खारिज कर दिया। वहीं आदेश की अपील करने पर जिला न्यायालय ने गत वर्ष 31 अगस्त को याचिकाकर्ता की अपील भी खारिज कर दी। इससे व्यथित होकर याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका पेश कर तत्कालीन महापौर सहित अन्य निगम अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार की है।
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जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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न्यायाधीश एसपी शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश राजा लक्ष्मण सिंह व जुम्मा खान की याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता हंसराज कुलदीप ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता की संसारचंद रोड पर अमर विजय कॉम्पलैक्स पर टीनशेड की दुकान थी। निचली अदालत ने 13 जनवरी 2003 को आदेश जारी कर नगर निगम को टीनशेड ना हटाने के लिए पाबंद किया था। इसके बावजूद भी 21 दिसंबर 2006 को निगम ने तोड़फोड़ कर टीनशेड हटा दिया।
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याचिकाकर्ता की ओर से इस संबंध में निचली अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर आपत्ति दर्ज कराई गई। जिसे निचली अदालत ने खारिज कर दिया। वहीं आदेश की अपील करने पर जिला न्यायालय ने गत वर्ष 31 अगस्त को याचिकाकर्ता की अपील भी खारिज कर दी। इससे व्यथित होकर याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका पेश कर तत्कालीन महापौर सहित अन्य निगम अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार की है।
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जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।