Rajasthan: विवादित बयान पर बवाल के बाद कटारिया ने माफी मांगी, कहा-गलती सुधारना प्रगति
गुलाबचंद कटारिया ने अपने भाषण में जातिसूचक शब्द इस्तेमाल किया था। इसके बाद वाल्मिकी समाज के लोग भड़क गए।
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नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया एक बार फिर विवादित बयान देकर फंस गए। एक कार्यक्रम के भाषण में उन्होंने जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल कर दिया। जिससे गुस्साए वाल्मिकी समाज के लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। हालांकि, अब नेता प्रतिपक्ष ने ट्वीटर पर वीडियो शेयर कर माफी मांगी है।
कटारिया ने ट्वीटर पर शेयर वीडियो में कहा कि इस साल मेरे द्वारा जाने अनजाने में, बोलचाल में, आमने-सामने, आपका मन दुखाया हो, गलत लगा हो, तो मन वचन और काया से आप सभी को मिच्छामि दुक्कडम्। उन्होंने ये भी कहा कि सुधार लेना प्रगति है और क्षमा मांग लेना स्वीकृति है।
— Gulab Chand Kataria (@Gulab_kataria) September 1, 2022 ">http://
भूल होना प्रकृति है मान लेना संस्कृति है
— Gulab Chand Kataria (@Gulab_kataria) September 1, 2022
सुधार लेना प्रगति है और क्षमा माँग लेना स्वीकृति है.पूरे बरस में मेरेद्वारा जाने अनजाने में,बोलचाल में,आमने सामने आपका मन दुखाया हो,गलत लगा हो,तो मन वचन और काया से आप सभी को मिच्छामि दुक्कडम्। pic.twitter.com/aigq4L1NYY
बता दें कि गुलाबचंद कटारिया पन्नाधाय पर बोल रहे थे। इसी दौरान उदयसिंह को पत्तल की टोकरी में सुरक्षित ले जाने वाले कीरत को उन्होंने हरिजन बता दिया। जिसके बाद वाल्मिकी समाज ने कटारिया से माफी मांगी।
वाल्मिकी समाज ने गुलाबचंद कटारिया को नेता प्रतिपक्ष पद से हटाने और पार्टी से निष्काषित करने की मांग की थी। इधर विवाद के बाद बुधवार शाम कटारिया ने कहा कि हमने कोई जानबूझकर कोई गलत या जातिसूचक शब्द को इस्तेमाल नहीं किया है। जो इतिहास में लिखा हुआ है, वो ही बोला है। इसके बाद भी किसी को एतराज लगता है तो मैंने जो अनुसूचित जाति के बाद जो सूची देखी है, जो आजादी के बाद घोषित की गई है। उसमें आज भी जाति का नाम उसी नाम से लिखा गया है। अगर आपका इतना ही गुस्सा है तो राज्य सरकार को आग्रह करके इस सूची से नाम को हटा देते तो भविष्य में लोग यह समझते की इसको बोलना अपराध है।