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जर्मनी के युवक ने मुस्लिम युवती के साथ लिए सात फेरे, हिंदू रीति-रिवाज से बंधे एक डोर में
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 21 Nov 2017 05:51 PM IST
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समारोह में विदेशी जोड़ा
- फोटो : अमर उजाला
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एक विदेशी युवक एक मुस्लिम युवती के साथ जर्मनी से आया और हिंदू रीति रिवाज के साथ शादी कर ली। इन सात फेरों की पूरे शहर में चर्चा है।
जैसलमेर में एक विदेशी जोडे़ ने हिन्दू परम्पराओं के अनुसार शादी कर सात जन्म तक साथ रहने के वचन लिए। अपने जीवन की यादों को और अधिक रोचक बनाने के लिए आए जर्मनी के युगल ने यहां पर हिंदू रीति रिवाज से शादी की और जीवन भर के बंधन में बंधने का फैसला ले लिया। स्वर्णनगरी की एक होटल में वैदिक रीति-रिवाज से सात फेरे लिए। सारी रस्मों को निभाकर एक साथ जीवन बिताने की कसमें खाईं।
जैसलमेर राजस्थान की ऐतिहासिकता व सुंदरता विदेशी पावणों को अपनी ओर आकर्षित करती ही है। जर्मनी के रहने वाले शाशा गोटचेल्क और उनकी महिला मित्र करीमा जो मुस्लिम हैं, उनके माता पिता मोररको में है। दूसरी बार दोनों भारत भ्रमण पर आए हैं।
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जैसलमेर में एक विदेशी जोडे़ ने हिन्दू परम्पराओं के अनुसार शादी कर सात जन्म तक साथ रहने के वचन लिए। अपने जीवन की यादों को और अधिक रोचक बनाने के लिए आए जर्मनी के युगल ने यहां पर हिंदू रीति रिवाज से शादी की और जीवन भर के बंधन में बंधने का फैसला ले लिया। स्वर्णनगरी की एक होटल में वैदिक रीति-रिवाज से सात फेरे लिए। सारी रस्मों को निभाकर एक साथ जीवन बिताने की कसमें खाईं।
जैसलमेर राजस्थान की ऐतिहासिकता व सुंदरता विदेशी पावणों को अपनी ओर आकर्षित करती ही है। जर्मनी के रहने वाले शाशा गोटचेल्क और उनकी महिला मित्र करीमा जो मुस्लिम हैं, उनके माता पिता मोररको में है। दूसरी बार दोनों भारत भ्रमण पर आए हैं।
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मित्र से बोले, हमरे लिया शादी की व्यवस्था करो
अग्नि को साक्षी माना, लिए फेरे
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने इससे पहले 2011 में जैसलमेर का भ्रमण किया था। दोनों जैसलमेर की खूबसूरती देख दोनों दंग रह गए। यहां के लोगों की मेहमानवाजी रहन सहन संस्कृति देखकर फिर फैसला लिया कि भारतीय रीति-रिवाज से दोनों शादी के बंधन में बंधेंगे। विदेशी युगल ने यहां अपने मित्र मनोज पुरोहित को विवाह का इंतजाम कराने की बात कही।
भारतीय संस्कृति के अनुसार जीवन भर के बंधन में बंधने का फैसला ले लिया। सारी रस्मों को निभाकर एक साथ जीवन बिताने की कसमें खाई। वे दूल्हा दुल्हन के लिबास में सज-संवर कर मंडप में पहुंचे। इसके बाद दोनों ने एक दूसरे को अंगूठी पहनाई, जयमाला डाली और फिर शुरू हुआ वैदिक मंत्रोच्चार का दौर।
हिंदू वैवाहिक परंपरा के सात वचन भी अनुवाद करके अंग्रेजी में सुनाए गए। दोनों ने अग्निकुंड की परिक्रमा कर साथ जीने और मरने की कसम खाई। वहां कुछ स्थानीय लोग भी उनकी जीवन के इस यादगार बेला में साथी बने। उन्होंने वर-वधु की सभी रस्में पूरी कराई।
भारतीय संस्कृति के अनुसार जीवन भर के बंधन में बंधने का फैसला ले लिया। सारी रस्मों को निभाकर एक साथ जीवन बिताने की कसमें खाई। वे दूल्हा दुल्हन के लिबास में सज-संवर कर मंडप में पहुंचे। इसके बाद दोनों ने एक दूसरे को अंगूठी पहनाई, जयमाला डाली और फिर शुरू हुआ वैदिक मंत्रोच्चार का दौर।
हिंदू वैवाहिक परंपरा के सात वचन भी अनुवाद करके अंग्रेजी में सुनाए गए। दोनों ने अग्निकुंड की परिक्रमा कर साथ जीने और मरने की कसम खाई। वहां कुछ स्थानीय लोग भी उनकी जीवन के इस यादगार बेला में साथी बने। उन्होंने वर-वधु की सभी रस्में पूरी कराई।