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1300 से ज्यादा किसान लेंगे जमीन समाधि, सरकार के रवैये से परेशान
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 11 Oct 2017 11:56 AM IST
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फाइल फोटो।
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किसानों की जमीन पर उनकी मर्जी के बगैर योजनाएं विकसित की जा रही हैं। इस कारण अन्नदाता गुस्से में है।
जयपुर के नजदीक नींदड़ गांव में बीते दस दिनों से गड्ढे में दबे किसान अपनी जमीन को बचाने के प्रयास में हैं। लेकिन सरकार के साथ हुई वार्ता में सहमति नहीं बनने से किसानों ने जमीन समाधि आंदोलन को और तेज करने का निर्णय किया है।
किसान समिति के नेताओं के अनुसार अब 1300 से अधिक किसान जमीन समाधि लेंगे। स्थानीय किसानों में इस बात की नाराजगी भी है कि सरकारी एजेंसियां सहमति बनाने के स्थान पर परेशानी बढ़ा रही हैं। गौरतलब है कि जयपुर विकास प्राधिकरण ने नींदड़ गांव की 1350 बीघा जमीन कॉलोनी विकसित करने के लिए आवाप्त की है।
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जयपुर के नजदीक नींदड़ गांव में बीते दस दिनों से गड्ढे में दबे किसान अपनी जमीन को बचाने के प्रयास में हैं। लेकिन सरकार के साथ हुई वार्ता में सहमति नहीं बनने से किसानों ने जमीन समाधि आंदोलन को और तेज करने का निर्णय किया है।
किसान समिति के नेताओं के अनुसार अब 1300 से अधिक किसान जमीन समाधि लेंगे। स्थानीय किसानों में इस बात की नाराजगी भी है कि सरकारी एजेंसियां सहमति बनाने के स्थान पर परेशानी बढ़ा रही हैं। गौरतलब है कि जयपुर विकास प्राधिकरण ने नींदड़ गांव की 1350 बीघा जमीन कॉलोनी विकसित करने के लिए आवाप्त की है।
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गर्दन तक दबे हैं किसान
फाइल फोटो।
किसान 750 बीघा से ज्यादा जमीन ऐसी है, जिसे देना नहीं चाहते। इसी के चलते दो अक्टूबर से 55 से ज्यादा किसान गर्दन तक गड्ढों में दबे है।
नई रणनीति के अनुसार जिन परिवारों की जमीन जेडीए आवाप्त कर रही है उनमें से अब एक सदस्य आंदोलन में सम्मलित होगा। इसके लिए गड्ढे खोदे जा रहे है। वहीं इस मामले में राजनीति भी प्रारंभ हो गई। जहां सरकार जमीन आवाप्ति में नियम व कानून का हवाला दे रही है। वहीं हाल ही में पीसीसी अध्यक्ष सचिन पायलट ने नींदड़ में किसानों से मुलाकात की थी।
नई रणनीति के अनुसार जिन परिवारों की जमीन जेडीए आवाप्त कर रही है उनमें से अब एक सदस्य आंदोलन में सम्मलित होगा। इसके लिए गड्ढे खोदे जा रहे है। वहीं इस मामले में राजनीति भी प्रारंभ हो गई। जहां सरकार जमीन आवाप्ति में नियम व कानून का हवाला दे रही है। वहीं हाल ही में पीसीसी अध्यक्ष सचिन पायलट ने नींदड़ में किसानों से मुलाकात की थी।