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दस दिन से महापड़ाव डाले बैठे हैं किसान, कल करेंगे चक्का जाम
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 10 Sep 2017 07:46 PM IST
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सभा को संबोधित करते राजपा नेता किरोड़ीलाल मीणा
- फोटो : amar ujala
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कर्ज माफी और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू कराने की मांग को लेकर किसानों का सीकर में महापड़ाव आज दसवें दिन भी जारी रहा। अब किसानों ने कल चक्का जाम का ऐलान किया है।
अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष अमराराम और पूर्व विधायक पेमाराम के नेतृत्व में जारी महापड़ाव में हजारों किसान डेरा डाले हुए हैं। आज महापड़ाव को संबोधित करने राजपा के नेता किरोड़ीलाल मीणा और विधायक हनुमान बेनीवाल सीकर पहुंचे। दोनों नेताओं ने किसानों की मांगों को सही ठहराते हुए राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। राजपा नेता किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि किसानों की मांगे जायज हैं। पिछले 10 दिन से किसान महापड़ाव डाले हुए हैं लेकिन सरकार किसानों की मांगों को अनदेखी कर रही है।
मीणा ने माकपा के साथ मिलकर तीसरा मोर्चा बनाने की बात कही। विधायक बेनीवाल ने कहा कि किसान की बात सुनने की सरकार को फुरसत नहीं है। उन्होंने कहा कि वे किसी जाति के विरोधी नहीं है, लेकिन जिस जाति में जन्म लिया है उसके हक की बात जरूर करेंगे।
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अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष अमराराम और पूर्व विधायक पेमाराम के नेतृत्व में जारी महापड़ाव में हजारों किसान डेरा डाले हुए हैं। आज महापड़ाव को संबोधित करने राजपा के नेता किरोड़ीलाल मीणा और विधायक हनुमान बेनीवाल सीकर पहुंचे। दोनों नेताओं ने किसानों की मांगों को सही ठहराते हुए राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। राजपा नेता किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि किसानों की मांगे जायज हैं। पिछले 10 दिन से किसान महापड़ाव डाले हुए हैं लेकिन सरकार किसानों की मांगों को अनदेखी कर रही है।
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मीणा ने माकपा के साथ मिलकर तीसरा मोर्चा बनाने की बात कही। विधायक बेनीवाल ने कहा कि किसान की बात सुनने की सरकार को फुरसत नहीं है। उन्होंने कहा कि वे किसी जाति के विरोधी नहीं है, लेकिन जिस जाति में जन्म लिया है उसके हक की बात जरूर करेंगे।
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सरकार से वार्ता रही बेनतीजा
रैली निकालते किसान
- फोटो : amar ujala
उधर, आंदोलन तेज होने से सरकार भी हरकत में आई और वार्ता के लिए पहल की। सरकार की ओर से देवस्थान मंत्री राजकुमार रिणवा और सीएमडी श्रीमत पांडे सीकर पहुंचे, लेकिन सर्किट हाउस में हुई पहले दौर की वार्ता बेनतीजा रही। किसान नेताओं ने साफ तौर से कर्ज माफी और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने के आदेश जारी करने की मांग की तो वहीं मंत्री रिणवा ने सरकार की ओर से कमेटी निर्धारित कर मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि, इस पर कोई सहमति नहीं बनी।
गौरतलब है कि किसानों की ओर से सोमवार को सीकर जिले में चक्का जाम और कलक्ट्रेट में घेराव करने का ऐलान किया गया है। इसके चलते यहां भारी पुलिस बल भी तैनात है। किसान सभा के अध्यक्ष अमराराम का कहना है कि कलक्टर ने मंत्रिमंडल समूह से वार्ता के लिए पत्र दिया है। इसमें समय नहीं बताया गया है, यह मात्र धोखा है।
गौरतलब है कि किसानों की ओर से सोमवार को सीकर जिले में चक्का जाम और कलक्ट्रेट में घेराव करने का ऐलान किया गया है। इसके चलते यहां भारी पुलिस बल भी तैनात है। किसान सभा के अध्यक्ष अमराराम का कहना है कि कलक्टर ने मंत्रिमंडल समूह से वार्ता के लिए पत्र दिया है। इसमें समय नहीं बताया गया है, यह मात्र धोखा है।