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डॉक्टरों ने दी सामूहिक त्यागपत्र की चेतावनी, जानिए क्यों
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 16 Oct 2017 05:10 PM IST
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धरने पर बैठे डॉक्टर्स
- फोटो : amar ujala
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अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के बैनरतले जिले के चिकित्सकों ने आज कलक्ट्रेट के बाहर धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
अजमेर जिले के चिकित्सकों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगे नहीं मानी गई तो सभी चिकित्सक सामूहिक त्यागपत्र दे देंगे। अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के जिला उपाध्यक्ष डाॅ. अनंत कोटिया ने बताया कि वर्ष 2011 से चिकित्सक अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। इसके बावजूद भी सरकार चिकित्सकों की मांगे नहीं मान रही। इससे चिकित्सकों में रोष गहराता जा रहा है। डाॅ. कोटिया ने कहा कि चिकित्सकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने तक का मानस बना लिया था, लेकिन मौसमी बीमारियों के प्रकोप को देखते हुए वह काम कर रहे हैं, ताकि मरीजों को परेशान नहीं होना पड़े।
उन्होंने साफ कहा कि अब चिकित्सक आर पार की लड़ाई के मूड में हैं। यदि जल्द ही उनकी 33 मांगे पूरी नहीं होती तो प्रदेश के सभी सेवारत चिकित्सक सामूहिक त्यागपत्र सौपेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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अजमेर जिले के चिकित्सकों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगे नहीं मानी गई तो सभी चिकित्सक सामूहिक त्यागपत्र दे देंगे। अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के जिला उपाध्यक्ष डाॅ. अनंत कोटिया ने बताया कि वर्ष 2011 से चिकित्सक अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। इसके बावजूद भी सरकार चिकित्सकों की मांगे नहीं मान रही। इससे चिकित्सकों में रोष गहराता जा रहा है। डाॅ. कोटिया ने कहा कि चिकित्सकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने तक का मानस बना लिया था, लेकिन मौसमी बीमारियों के प्रकोप को देखते हुए वह काम कर रहे हैं, ताकि मरीजों को परेशान नहीं होना पड़े।
उन्होंने साफ कहा कि अब चिकित्सक आर पार की लड़ाई के मूड में हैं। यदि जल्द ही उनकी 33 मांगे पूरी नहीं होती तो प्रदेश के सभी सेवारत चिकित्सक सामूहिक त्यागपत्र सौपेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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