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प्रेमी युगल ने पहाड़ी से कूदकर मौत को गले लगाया
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 13 May 2017 04:53 PM IST
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पुलिस को मौके से मिले मृतकों के पहचान पत्र
- फोटो : amar ujala
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कोटा के गैपरनाथ की पहाड़ी पर भगवान के दर्शन करने आए युवक युवती ने 300 फीट उंची पहाड़ी से कूदकर जान दे दी। काफी मश्क्कत के बाद दोनों के शवों को रस्सी से खींचकर उपर लाया गया। दोनों युवक युवती की पहचान टोंक के रहने वाले विनोद और सत्यभाभा के रुप में हुई है वहीं पुलिस को मौके से एक पेज का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। आत्महत्या करने के पीछे दोनों का प्रेम प्रसंग होना बताया गया है।
जानकारी के अनुसार मृतक विनोद अपने परिजनों के साथ जयपुर स्थित महेश नगर में किराए से रहता था और स्कूलों में कप्यूटर पार्ट्स सप्लाय का कार्य करता था। विनोद के पिता प्रभुलाल एलआईसी में कार्यरत हैं। पहले से ही शादीशुदा विनोद ने अपनी पत्नी को छोड़ रखा था और काफी समय से उसका प्रेम प्रसंग सत्यभाभा के साथ चल रहा था।
वहीं टोंक निवासी सत्यभाभा भी करीब 3 सालों से कोटा के बोरखेड़ा इलाके में अपने परिजनों के साथ रह रही थी। सत्यभाभा के परिजनों ने पुलिस को बताया कि विनोद शुक्रवार को जयपुर से कोटा आया और सुबह करीब 11 बजे सत्यभाभा को गैपरनाथ दर्शन के लिए ले जाने की बात कहकर घर से निकल गया। विनोद और सत्यभाभा 300 फीट उंचे गैपरनाथ पहाड़ी पर पहुंचे और थोड़ी ही देर बाद वहां से छलांग लगा दी।
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प्रेमिका ने लिखा 'मरने के बाद 16 श्रंगार करके मुझे विनोद के साथ जला देना'
मौके से प्राप्त हुए एक पेज के सुसाइड नोट में मृतका सत्यभाभा ने अपने घरवालों के नाम एक लेटर लिखा है जिसमें उसने अपनी आत्महत्या करने के पीछे किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया है। सत्यभाभा ने लिखा कि मेरी मौत का कोई जिम्मेदार नहीं है और ये फैसला हमनें खुद लिया है।
मृतका ने अपने प्रेमी विनोद का जिक्र करते हुए लिखा 'विनोद ने जिंदगी के हर कदम पर मेरा साथ दिया है और मुझे बीमारी से लड़ना भी सिखाया,वो हर मुश्किल की घड़ी में हमेशा मेरे साथ खड़ा रहा,यदि मैं मर जाउं तो मुझे 16 श्रंगार करके उसके साथ ही जला देना और यदि बच गई तो मेरी शादी उसी के साथ करा देना।
सत्यभाभा ने अपने पिता के लिए लिखा कि वो गांव वाले घर की दीवार बनवा दे और उसके मरने के बाद घर में रामायण का पाठ करवा दे और उसकी बहन की शादी भी धूमधाम से कर दें'। गौरतलब है कि सत्यभाभा ने यह पत्र 8 मई को ही लिख दिया था जिसके बाद अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसने अपने प्रेमी विनोद के साथ आत्महत्या करने की ठान ली थी।
लेकिन नहीं हो पाई अंतिम इच्छा पूरी
शनिवार को प्रेमी युगल के परिजन शनिवार को टोंक से कोटा पहुंचे। एमबीएस की मोर्चरी में रखवाये गए दोनो के शवों को पोस्टमार्स्टम किया गया। युवती की अंतिम इच्छा के बावजूद भी उसकी अंतिम इच्छा पूरी नहीं हो सकी। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए जिसके बाद परिजनों ने अलग-अलग जगहों पर ही शवों का अंतिम संस्कार किया।
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जानकारी के अनुसार मृतक विनोद अपने परिजनों के साथ जयपुर स्थित महेश नगर में किराए से रहता था और स्कूलों में कप्यूटर पार्ट्स सप्लाय का कार्य करता था। विनोद के पिता प्रभुलाल एलआईसी में कार्यरत हैं। पहले से ही शादीशुदा विनोद ने अपनी पत्नी को छोड़ रखा था और काफी समय से उसका प्रेम प्रसंग सत्यभाभा के साथ चल रहा था।
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वहीं टोंक निवासी सत्यभाभा भी करीब 3 सालों से कोटा के बोरखेड़ा इलाके में अपने परिजनों के साथ रह रही थी। सत्यभाभा के परिजनों ने पुलिस को बताया कि विनोद शुक्रवार को जयपुर से कोटा आया और सुबह करीब 11 बजे सत्यभाभा को गैपरनाथ दर्शन के लिए ले जाने की बात कहकर घर से निकल गया। विनोद और सत्यभाभा 300 फीट उंचे गैपरनाथ पहाड़ी पर पहुंचे और थोड़ी ही देर बाद वहां से छलांग लगा दी।
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प्रेमिका ने लिखा 'मरने के बाद 16 श्रंगार करके मुझे विनोद के साथ जला देना'
मौके से प्राप्त हुए एक पेज के सुसाइड नोट में मृतका सत्यभाभा ने अपने घरवालों के नाम एक लेटर लिखा है जिसमें उसने अपनी आत्महत्या करने के पीछे किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया है। सत्यभाभा ने लिखा कि मेरी मौत का कोई जिम्मेदार नहीं है और ये फैसला हमनें खुद लिया है।
मृतका ने अपने प्रेमी विनोद का जिक्र करते हुए लिखा 'विनोद ने जिंदगी के हर कदम पर मेरा साथ दिया है और मुझे बीमारी से लड़ना भी सिखाया,वो हर मुश्किल की घड़ी में हमेशा मेरे साथ खड़ा रहा,यदि मैं मर जाउं तो मुझे 16 श्रंगार करके उसके साथ ही जला देना और यदि बच गई तो मेरी शादी उसी के साथ करा देना।
सत्यभाभा ने अपने पिता के लिए लिखा कि वो गांव वाले घर की दीवार बनवा दे और उसके मरने के बाद घर में रामायण का पाठ करवा दे और उसकी बहन की शादी भी धूमधाम से कर दें'। गौरतलब है कि सत्यभाभा ने यह पत्र 8 मई को ही लिख दिया था जिसके बाद अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसने अपने प्रेमी विनोद के साथ आत्महत्या करने की ठान ली थी।
लेकिन नहीं हो पाई अंतिम इच्छा पूरी
शनिवार को प्रेमी युगल के परिजन शनिवार को टोंक से कोटा पहुंचे। एमबीएस की मोर्चरी में रखवाये गए दोनो के शवों को पोस्टमार्स्टम किया गया। युवती की अंतिम इच्छा के बावजूद भी उसकी अंतिम इच्छा पूरी नहीं हो सकी। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए जिसके बाद परिजनों ने अलग-अलग जगहों पर ही शवों का अंतिम संस्कार किया।