{"_id":"5a4610974f1c1b4e718bbd61","slug":"rajasthan-a-police-headconstable-trap-by-acb-pratapgarh-taking-bribe-of-rs-30-thousand","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हैडकांस्टेबल ने देखा कुछ ऐसा कि नंगे पैर ही दौड़ता रहा फिर भी पकड़ा गया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हैडकांस्टेबल ने देखा कुछ ऐसा कि नंगे पैर ही दौड़ता रहा फिर भी पकड़ा गया
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 29 Dec 2017 03:28 PM IST
विज्ञापन
bribe
- फोटो : Demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हैडकांस्टेबल घर में नोटों की गड्डियां गिन रहा था, तभी उसे कुछ ऐसा नजर आया कि उसके होश उड़ गए और रुपयों को फेंककर नंगे पैर ही दौड़ पड़ा।
यह मामला है राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले का। जहां डूंगरपुर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने आज एक हैडकांस्टेबल को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उपाधीक्षक गुलाब सिंह के नेतृत्व में की गई। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सुंदरलाल मीणा उम्र 36 साल प्रतापगढ़ जिले के पारसोला थाने में पदस्थापित हैडकांस्टेबल है।
वह रिषभदेव जी, जिला उदयपुर का रहने वाला है। आरोपी के खिलाफ गांव पारसोला, तहसील धरियावद जिला प्रतापगढ़ के रहने वाले परिवादी महिपाल चौधरी और मुकेश जैन ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें बताया कि पारसोला थाने में दर्ज एसटीएससी एक्ट के तहत एक मुकदमे का अनुसंधान उपाधीक्षक धरियावाद कर रहे है।
विज्ञापन
यह मामला है राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले का। जहां डूंगरपुर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने आज एक हैडकांस्टेबल को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई उपाधीक्षक गुलाब सिंह के नेतृत्व में की गई। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सुंदरलाल मीणा उम्र 36 साल प्रतापगढ़ जिले के पारसोला थाने में पदस्थापित हैडकांस्टेबल है।
वह रिषभदेव जी, जिला उदयपुर का रहने वाला है। आरोपी के खिलाफ गांव पारसोला, तहसील धरियावद जिला प्रतापगढ़ के रहने वाले परिवादी महिपाल चौधरी और मुकेश जैन ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें बताया कि पारसोला थाने में दर्ज एसटीएससी एक्ट के तहत एक मुकदमे का अनुसंधान उपाधीक्षक धरियावाद कर रहे है।
विज्ञापन
हैडकांस्टेबल ने कहा दाल में कुछ काला है और....
bribe
- फोटो : Demo pic
आरोपी हैडकांस्टेबल सुंदरलाल मीणा डीएसपी के पास रीडर है। वह दोनों परिवादियों के नाम हटाने की एवज में 30 हजार रुपए मांग रहा था। तब एसीबी ने शिकायत का सत्यापन 8 दिसंबर को किया गया। इसके बाद आज सुबह 11 बजे परिवादी मांडवी-धरियावाद रोड पर रुपए लेकर सुंदरलाल के किराए के मकान पर पहुंचा।
वहां घर में मौजूद सुंदरलाल रिश्वत की रकम लेकर नोट गिनने लगा। तभी एसीबी ट्रेप की भनक लगने पर हैडकांस्टेबल ने परिवादी से कहा कि दाल में कुछ काला है और वह परिवादी महिपाल चौधरी को धक्का देकर बाहर की तरफ भागा।
नोट भी वहीं फेंक दिए। सुंदरलाल ने बाइक स्टार्ट करने लगा। जब स्टार्ट नहीं हुई तब वह पैदल ही करीब 300 मीटर तक भागा, लेकिन पीछा कर एसीबी टीम ने आरोपी हैडकांस्टेबल सुंदरलाल मीणा को धरदबोचा।
वहां घर में मौजूद सुंदरलाल रिश्वत की रकम लेकर नोट गिनने लगा। तभी एसीबी ट्रेप की भनक लगने पर हैडकांस्टेबल ने परिवादी से कहा कि दाल में कुछ काला है और वह परिवादी महिपाल चौधरी को धक्का देकर बाहर की तरफ भागा।
नोट भी वहीं फेंक दिए। सुंदरलाल ने बाइक स्टार्ट करने लगा। जब स्टार्ट नहीं हुई तब वह पैदल ही करीब 300 मीटर तक भागा, लेकिन पीछा कर एसीबी टीम ने आरोपी हैडकांस्टेबल सुंदरलाल मीणा को धरदबोचा।