फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Know, who was the Sohrabuddin Sheikh, the well-known encounter

कौन था सोहराबुद्दीन और कैसे पहुंचा ये एनकाउंटर अदालत तक, जानिए...

Tue, 01 Aug 2017 02:19 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर  Updated Tue, 01 Aug 2017 02:19 PM IST
विज्ञापन
 Know, who was the Sohrabuddin Sheikh, the well-known encounter
सोहराबुद्दीन और उसकी पत्नी कौसर बी - फोटो : File photo
आज फिर देश में सोहराबुद्दीन एनकाउंटर गूंज रहा है। इस एनकाउंटर ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तक को परेशान कर डाला था। जानिए, सोहराबुद्दीन के बारे में और कैसे पहुंचा ये एनकाउंटर अदालत तक...
विज्ञापन


गौरतलब है कि 26 नवंबर 2005 को गुजरात में पुलिस ने एनकाउंटर में सोहराबुद्दीन को मार गिराया था। सोहराब के साथ एक फार्महाउस में उसकी पत्‍नी कौसर बी को भी मार दिया गया। सोहराबुद्दीन मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के झिरन्या गांव का रहने वाला था। वह हिस्‍ट्रीशीटर था। जिसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक केस दर्ज थे।
विज्ञापन


सोहराब के एनकाउंटर के ठीक एक महीने बाद 26 दिसंबर 2006 को उसके साथी तुलसीराम प्रजापति को भी एनकाउंटर में मार गिराया था। इससे पहले तुलसी प्रजापति को सोहराबुद्दीन शेख के मुठभेड़ का चश्‍मदीद गवाह बनाकर पेश किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार चर्चित रहा बदमाश सोहराबुद्दीन शेख के झिरन्‍या गांव स्थित घर से वर्ष 1995 में लगभग 40 एके-47 राइफल बरामद हुई थी। तब उसके खिलाफ अवैध हथियार तस्करी का मुककमा दर्ज हुआ था। इसके बाद सोहराबुद्दीन पर गुजरात व राजस्‍थान के मार्बल व्‍यापारियों से हफ्ता वसूली और हत्‍या के मुकदमे दर्ज हुए।

सोहराबुद्दीन सन् 2002 से ही तुलसी प्रजापति के साथ गैंग बनाकर वसूली का काम कर रहा था। गैंग बनाने के बाद उसने अपने प्रतिद्वंद्वी हामिद लाला की हत्या कर दी। सीबीआई के मुताबिक, सन् 2004 में सोहराबुद्दीन ने राजस्थान के आरके मार्बल्स के मालिक पटनी ब्रदर्स को एक्सटॉर्शन के लिए फोन किया।

हैदराबाद जाते समय उतारा था बस से, कौसर थी साथ

 Know, who was the Sohrabuddin Sheikh, the well-known encounter
सोहराबुद्दीन - फोटो : File photo
कहा जा रहा है कि गुजरात और राजस्थान की मार्बल लॉबी ने सोहराबुद्दीन की वसूली से आजिज आकर गृह राज्य मंत्री अमित शाह से संपर्क साधा। इसके बाद सोहराबुद्दीन के खिलाफ कार्रवाई करने की योजना बनाई गई और डीजी बंजारा को कार्रवाई के निर्देश दिए। जबकि उसके खिलाफ उसके खिलाफ गुजरात में कोई मामला भी दर्ज नहीं था।

चार्जशीट के मुताबिक, बंजारा ने अमहदाबाद पुलिस के क्राइम ब्रांच के चीफ अभय चुडस्मा से संपर्क किया और सोहराबुद्दीन के खिलाफ गुजरात में मामला दर्ज किया गया। चुड़ास्मा ने तुलसी प्रजापति से संपर्क किया और सोहराबुद्दीन को गुजरात बुलाने के लिए कहा। बंजारा ने भी प्रजापति से मुलाकात की और उसे आश्वासन दिया कि सोहराबुद्दीन को कुछ नहीं होगा। 

इस मामले में दायर सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक 23 नवंबर 2005 को सोहराबुद्दीन और कौसर बी एक बस में हैदराबाद से महाराष्ट्र के सांगली जा रहे थे। तभी गुजरात के आतंकवाद निरोधी दस्ते ने उनकी बस को रुकवाया। पुलिस सिर्फ़ सोहराब को बस से उतारना चाहती थी। लेकिन कौसर बी अपने पति को अकेला नहीं छोड़ना चाहती थी और उसके साथ ही उतर गई।

चार्जशीट के अनुसार इसके बाद इस जोड़े को अहमदाबाद के बाहर दिशा नाम के एक फार्महाउस ले जाया गया और तीन दिन बाद एक मुठभेड़ में मार दिया गया। इसके बाद डीजी वंजारा के पैतृक गांव में कौसर बी का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

सोहराबुद्दीन के भाई रुबाबुद्दीन ने लगाई थी याचिका

 Know, who was the Sohrabuddin Sheikh, the well-known encounter
सोहराबुद्दीन को मार गिराया - फोटो : File photo
बताया जा रहा है कि एनकाउंटर से पहले सोहराबुद्दीन राजस्थान में छिपा हुआ था। 26 नवंबर 2005 को अहमदाबाद सर्किल और विशाला सर्किल के टोल प्वाइंट पर सुबह तड़के 4 बजे सोहराबुद्दीन का एनकाउंटर कर मार गिराया। इसमें अहम भूमिका गुजरात एटीएस के चीफ डीजी वंजारा के साथ आए राजस्थान पुलिस के तत्कालीन एसपी एम एन दिनेश की बताई जा रही थी। लेकिन अब उन्हें साक्ष्य के अभाव में मुंबई हाईकोर्ट ने बरी कर दिया।

चार्जशीट के मुताबिक सोहराबुद्दीन के भाई रुबाबुद्दीन ने उसके भाई की हत्या की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इसके बाद चुड़ास्मा ने केस वापस लेने के लिए मोटी रकम का लालच दिया। जब रुबाबुद्दीन ने इनकार कर दिया तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई।

पुलिस के मुताबिक सोहराबुद्दीन के अंडवर्ल्‍ड माफियाओं के अलावा पाकिस्‍तान के आईएसआई से भी संबंध होने के आरोप लगे थे। उनके हथियारों की तस्करी में लिप्त होने तथा छिपाने में मदद करने के आरोप भी लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed