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शौचालय निर्माण की किश्त पास करने की एवज में रिश्वत, जेईएन गिरफ्तार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 28 Jun 2017 04:13 PM IST
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गिरफ्तार आरोपी मोहन राम पालीवाल
- फोटो : Vishnu Sharma
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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने आज एक कार्रवाई करते हुए एक कनिष्ठ लिपिक को 15 हजार रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी आईजी वीके सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मोहन राम पालीवाल है। वह जोधपुर जिले में बालेसर पंचायत समिति में जेईएन है तथा ग्राम पंचायत खुडियाला में कार्यवाहक ग्राम सेवक का पदभार संभालता है।
उसके खिलाफ स्थानीय निवासी कुंभाराम कुम्हार ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसमें बताया कि उसकी पत्नी रानीदेवी के नाम से इन्द्रा आवास योजना में मकान और शौचालय निर्माण की अंतिम किश्त 23 हजार रूपए बकाया है। इस अंतिम किश्त को पास करने की एवज में आरोपी कनिष्ठ लिपिक और कार्यवाहक ग्राम सचिव मोहनराम ने कुंभाराम से 15 हजार रुपए मांगे।
कुंभाराम ने यह भी बताया कि मोहनराम द्वारा उनके खाते में इंदिरा आवास और शौचालय निर्माण की दो किश्तें 17 हजार रुपए और 42 हजार रुपए आॅनलाइन उसकी पत्नी रानीदेवी के खाते में जमा करवाई जा चुकी है। जबकि अंतिम किश्त के भुगतान की एवज में रिश्वत मांगी जा रही है।
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तब पुलिस उपाधीक्षक जगदीश सोनी के नेतृत्व ने गठित टीम ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद परिवादी कुंभाराम को रिश्वत लेकर मोहनराम के पास भेजा। ज्योंही उसने रिश्वत की रकम लेकर रखी। तभी एसीबी ने उसे धरदबोचा। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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एसीबी आईजी वीके सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मोहन राम पालीवाल है। वह जोधपुर जिले में बालेसर पंचायत समिति में जेईएन है तथा ग्राम पंचायत खुडियाला में कार्यवाहक ग्राम सेवक का पदभार संभालता है।
उसके खिलाफ स्थानीय निवासी कुंभाराम कुम्हार ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसमें बताया कि उसकी पत्नी रानीदेवी के नाम से इन्द्रा आवास योजना में मकान और शौचालय निर्माण की अंतिम किश्त 23 हजार रूपए बकाया है। इस अंतिम किश्त को पास करने की एवज में आरोपी कनिष्ठ लिपिक और कार्यवाहक ग्राम सचिव मोहनराम ने कुंभाराम से 15 हजार रुपए मांगे।
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कुंभाराम ने यह भी बताया कि मोहनराम द्वारा उनके खाते में इंदिरा आवास और शौचालय निर्माण की दो किश्तें 17 हजार रुपए और 42 हजार रुपए आॅनलाइन उसकी पत्नी रानीदेवी के खाते में जमा करवाई जा चुकी है। जबकि अंतिम किश्त के भुगतान की एवज में रिश्वत मांगी जा रही है।
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तब पुलिस उपाधीक्षक जगदीश सोनी के नेतृत्व ने गठित टीम ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद परिवादी कुंभाराम को रिश्वत लेकर मोहनराम के पास भेजा। ज्योंही उसने रिश्वत की रकम लेकर रखी। तभी एसीबी ने उसे धरदबोचा। आगे की कार्रवाई की जा रही है।