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पश्चिम बंगाल व महाराष्ट्र से पकड़ा आॅनलाइन ठगने वाला गिरोह
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 16 May 2017 05:59 PM IST
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आॅनलाइन ठगने वाला गिरोह
- फोटो : Vishnu Sharma
खुद को बैंक कर्मचारी बनाकर फर्जी फोन कॉल्स कर लोगों से आॅनलाइन ठगी की वारदात करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर चंदवाजी थाना पुलिस ने पांच आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरोह पश्चिम बंगाल के जामताड़ा जिले और पुणे (महाराष्ट्र) से पकड़ा गया।
एसपी जयपुर ग्रामीण डॉक्टर रामेश्वर सिंह ने बताया कि जामताड़ा, झारखंड निवासी गिरफ्तार आरोपी युसुफ अंसारी, अख्तर अंसारी और उसका भाई मुख्त्यार अंसारी है। इसके अलावा चौथा आरोपी एलिया उर्फ शलैश निवासी तलेगांव, पुणे महाराष्ट्र और पांचवां संजय भिमा सिंगे है। वह भी पुणे का है। एडिशनल एसपी रामप्रकाश शर्मा ने बताया कि चंदवाजी थाना इलाके में अचरोल स्थित ढाणी छापर की तन के रहने वाले ओमप्रकाश कुमावत को उनके मोबाइल पर 15 अप्रैल को एक ठग ने फोन किया था।
उसने खुद को बैंक कर्मचारी बताते हुए कहा कि आपका एटीएम को रिन्यू करने के लिए खाता संख्या, पिन व ओटीपी नंबर जानना है। ठग की बातों मेें आकर ओमप्रकाश कुमावत ने फोनकर्ता ठग को पूछी गई जानकारी बता दी। इसके बाद उनके खाते से ठगों ने करीब 11 हजार 700 रुपए निकाल लिए।
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तब ओमप्रकाश ने चंदवाजी थाने में ठगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। तब चंदवाजी थानाप्रभारी राजवीर सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने पश्चिम बंगाल व पुणे से गिरोह को तकनीकी आधार पर जानकारी जुटाकर दबोच लिया।
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एसपी जयपुर ग्रामीण डॉक्टर रामेश्वर सिंह ने बताया कि जामताड़ा, झारखंड निवासी गिरफ्तार आरोपी युसुफ अंसारी, अख्तर अंसारी और उसका भाई मुख्त्यार अंसारी है। इसके अलावा चौथा आरोपी एलिया उर्फ शलैश निवासी तलेगांव, पुणे महाराष्ट्र और पांचवां संजय भिमा सिंगे है। वह भी पुणे का है। एडिशनल एसपी रामप्रकाश शर्मा ने बताया कि चंदवाजी थाना इलाके में अचरोल स्थित ढाणी छापर की तन के रहने वाले ओमप्रकाश कुमावत को उनके मोबाइल पर 15 अप्रैल को एक ठग ने फोन किया था।
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उसने खुद को बैंक कर्मचारी बताते हुए कहा कि आपका एटीएम को रिन्यू करने के लिए खाता संख्या, पिन व ओटीपी नंबर जानना है। ठग की बातों मेें आकर ओमप्रकाश कुमावत ने फोनकर्ता ठग को पूछी गई जानकारी बता दी। इसके बाद उनके खाते से ठगों ने करीब 11 हजार 700 रुपए निकाल लिए।
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तब ओमप्रकाश ने चंदवाजी थाने में ठगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। तब चंदवाजी थानाप्रभारी राजवीर सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने पश्चिम बंगाल व पुणे से गिरोह को तकनीकी आधार पर जानकारी जुटाकर दबोच लिया।