फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   CBI rejects plea of ​​Anandpur encounter case, dismisses government's plea

आनंदपाल एनकाउंटर केस की जांच से CBI ने किया इंकार, सरकार की याचिका खारिज

Wed, 15 Nov 2017 06:45 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर  Updated Wed, 15 Nov 2017 06:45 PM IST
विज्ञापन
CBI rejects plea of Anandpur encounter case, dismisses government's plea
आनंदपाल एनकाउंटर केस - फोटो : amar ujala
चर्चित आनंदपाल एनकाउंटर केस में एक नया मोड़ आ गया है। सीबीआई ने राज्य सरकार की याचिका को खारिज करते हुए आनंदपाल एनकाउंटर केस की जांच करने से इनकार कर दिया है। 
विज्ञापन



चर्चित आनंदपाल एनकाउंटर केस में एक नया मोड़ आ गया है। सीबीआई ने राज्य सरकार की याचिका को खारिज करते हुए आनंदपाल एनकाउंटर केस की जांच करने से इनकार कर दिया है। 
विज्ञापन


सीबीआई के इस फैसले से गैंगस्टर आनंदपाल के परिजनों को तगड़ा झटका लगा है। वहीं, एसओजी के पुलिस अधिकारियों को राहत मिली है। दरअसल आनंदपाल सिंह के परिजनों और उसके समर्थकों ने एनकाउंटर की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी और इस मुख्य मांग सहित अन्य मांगों के लिए 19 दिनों आनंदपाल के शव का दाह संस्कार नहीं होने दिया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन



बाद में, राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की अनुशंषा करते हुए एक चिट्ठी लिखी थी। जिसे सीबीआई ने खारिज कर दिया है। बताया जा रहा है कि सीबीआई ने इस मामले को जांच के योग्य नहीं माना है। 


 

दोनों ही एफआईआर जांच योग्य नहीं मानी

CBI rejects plea of Anandpur encounter case, dismisses government's plea
यहां हुआ आनंदपाल का एनकाउंटर - फोटो : Amar Ujala
वहीं, दूसरी तरफ गैंगस्टर आनन्दपाल की पत्नी राजकंवर की ओर से दायर याचिका को निस्तारित करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने सुनवाई की। जिसमें कहा कि याचिकाकर्ता को स्वतंत्रता है कि वह दोबारा जिला एवं सेंशन कोर्ट चूरू के समक्ष याचिका दायर कर सकती है। 

हाईकोर्ट में जस्टिस संदीप मेहता की बैंच में राजकंवर की याचिका पर सीबीआई के वकील सचिन आचार्य ने जवाब पेश करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार की ओर से सीबीआई को भेजे गए पत्र में चूरू के रतनगढ़ थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 190/ 2017 और एफआईआर संख्या 123/2017 की सीबीआई से अनुसंधान करवाने की अनुशंसा की गई थी, लेकिन सीबीआई ने इन दोनों ही एफआईआर को जांच योग्य नहीं मानते हुए अनुसंधान करने से इनकार कर दिया। 

वहीं, हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील गोरधन सिंह ने हाईकोर्ट से अपने स्तर पर जांच करवाने की गुहार की। जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। इसी तरह से राज्य सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवकुमार व्यास ने कहा कि एसओजी और पुलिस विभाग ने मामले में निष्पक्ष अनुसंधान करते हुए कोई कोताही नहीं बरती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed