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हिस्ट्रीशीटर की डेड बॉडी लेने पहुंची दो बीवियां, आंध्रा पुलिस ने किया था एनकाउंटर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 29 Oct 2017 06:31 PM IST
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गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद राजस्थान में अब एक और हिस्ट्रीशीटर का एनकाउंटर सुर्खियों में है। इस हिस्ट्रीशीटर का एनकाउंटर आंध्र प्रदेश पुलिस की टीम ने राजस्थान के सांचौर में किया था। दो दिन चले धरना प्रदर्शन के बाद आज भीनमाल के झुंझानी बस स्टैंड के पास श्मशान में उसका अंतिम संस्कार किया गया।
इससे पहले एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई। दो महिलाएं अस्पताल पहुंची और दोनों ही भीमसिंह की पत्नी होने का दावा करने लगी। वे दोनों ही शव लेने की जिद पर अड़ गई। ऐसे में पुलिस और अस्पताल प्रशासन भी असमंजस में पड़ गया।
आखिरकार, हिस्ट्रीशीटर भीमसिंह के पिता छोटू सिंह और अन्य परिवारजनों के हस्तक्षेप किया और मामला शांत हुआ। इसके बाद आज उसका अंतिम संस्कार किया गया। जालौर जिले के भीनमाल निवासी भीम सिंह हार्डकोर बदमाश था। वह हिस्ट्रीशीटर था। पिछले दिनों उसने गिरोह के साथ मिलकर आंध्र प्रदेश में एक व्यापारी से साढ़े 5 करोड़ रुपए की लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
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इससे पहले एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई। दो महिलाएं अस्पताल पहुंची और दोनों ही भीमसिंह की पत्नी होने का दावा करने लगी। वे दोनों ही शव लेने की जिद पर अड़ गई। ऐसे में पुलिस और अस्पताल प्रशासन भी असमंजस में पड़ गया।
आखिरकार, हिस्ट्रीशीटर भीमसिंह के पिता छोटू सिंह और अन्य परिवारजनों के हस्तक्षेप किया और मामला शांत हुआ। इसके बाद आज उसका अंतिम संस्कार किया गया। जालौर जिले के भीनमाल निवासी भीम सिंह हार्डकोर बदमाश था। वह हिस्ट्रीशीटर था। पिछले दिनों उसने गिरोह के साथ मिलकर आंध्र प्रदेश में एक व्यापारी से साढ़े 5 करोड़ रुपए की लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज
एनकाउंटर
- फोटो : Demo pic
लूटे गए रुपयों का बंटवारा कर वह राजस्थान आ गया। उसकी तलाश में यहां पहुंची आंध्रप्रदेश की करनूल थाना पुलिस की स्पेशल टीम ने 27 अक्टूबर सांचौर में एक हाइवे पर उसका स्कार्पियो से पीछा किया। आमने-सामने की फायरिंग में भीम सिंह के दो गोलियां लगी और उसकी एनकाउंटर में मौत हो गई। जबकि उसका साथी हिस्ट्रीशीटर भरत सिंह गोली लगने से घायल हो गया।
इसके बाद भीमसिंह के समाज और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि आंध्रा पुलिस ने भीमसिंह को सरेंडर करने का मौका नहीं देकर साजिशपूर्वक हत्या कर दी और एनकाउंटर का रुप दे दिया। इस विवाद के चलते दो दिनों तक उसका अंतिम संस्कार नहीं हो सका। बाद में कल आंध्रा की पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरपीएस अधिकारी से निष्पक्ष अनुसंधान की मांग मानने के बाद परिजन आज उसका अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
इसके बाद भीमसिंह के समाज और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि आंध्रा पुलिस ने भीमसिंह को सरेंडर करने का मौका नहीं देकर साजिशपूर्वक हत्या कर दी और एनकाउंटर का रुप दे दिया। इस विवाद के चलते दो दिनों तक उसका अंतिम संस्कार नहीं हो सका। बाद में कल आंध्रा की पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरपीएस अधिकारी से निष्पक्ष अनुसंधान की मांग मानने के बाद परिजन आज उसका अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
एनकाउंटर पर बवाल, इंटरनेट बंद
एनकाउंटर में घायल भरतसिंह राजपुरोहित
- फोटो : Amar Ujala
भीम सिंह एनकाउंटर को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने इलाके में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थी। जिन्हें आज अंतिम संस्कार के बाद चालू कर दिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार 27 वर्षीय भीमसिंह पिता की आपराधिक छवि के चलते अपराध की दुनिया में आ गया और गैंग बनाकर हाइवे पर लूट की वारदातें करता था। उसके पिता ने उसकी शादी पहले ही कर दी थी। इसके बाद भीमसिंह को अपने मोहल्ले की एक लड़की से प्यार हो गया और वह उसे भगाकर ले गया और फिर शादी रचा ली। तब से भीमसिंह के परिजनों ने उससे दूरी बना ली। उसकी पहली पत्नी अपने सास-ससुर के साथ भागल भीम स्थित घर पर रह रही थी।
वहीं भीमसिंह अपनी दूसरी पत्नी के साथ भीनमाल में किराए के कमरे पर रहता था। दूसरी पत्नी से उसकी दो बेटियां है।
जानकारी के अनुसार 27 वर्षीय भीमसिंह पिता की आपराधिक छवि के चलते अपराध की दुनिया में आ गया और गैंग बनाकर हाइवे पर लूट की वारदातें करता था। उसके पिता ने उसकी शादी पहले ही कर दी थी। इसके बाद भीमसिंह को अपने मोहल्ले की एक लड़की से प्यार हो गया और वह उसे भगाकर ले गया और फिर शादी रचा ली। तब से भीमसिंह के परिजनों ने उससे दूरी बना ली। उसकी पहली पत्नी अपने सास-ससुर के साथ भागल भीम स्थित घर पर रह रही थी।
वहीं भीमसिंह अपनी दूसरी पत्नी के साथ भीनमाल में किराए के कमरे पर रहता था। दूसरी पत्नी से उसकी दो बेटियां है।