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बलात्कार के मामले में फंसाने की धमकी देकर रुपए एेंठने वाला गैंग धरा

Mon, 22 May 2017 05:57 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर  Updated Mon, 22 May 2017 05:57 PM IST
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 a gang arrest who collecting money by threatening to rape case in jaipur
तीन महिला और दो पुरुष गिरफ्तार - फोटो : Amar Ujala
बलात्कार और एसटी एससी के मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर चंगुल में फंसे लोगों से मोटी रकम वसूलने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। जयपुर ग्रामीण जिले की फागी थाना पुलिस ने इस गिरोह का खुलासा कर तीन महिलाओं और दो पुरुषों को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया।
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एसपी जयपुर ग्रामीण डॉक्टर रामेश्वर सिंह ने बताया कि गांव श्रीरामपुरा, तहसील नरैना निवासी गिरफ्तार मुख्य आरोपी राजू बावरिया है। इसके अलावा हनुमानगढ़ थाना डिग्गी निवासी आरोपी सूरज बावरिया व उसकी पत्नी फूला देवी, संता उर्फ सुनीता पत्नी चौथूराम तथा जमना देवी पत्नी बजरंग बावरिया है। तलाशी में 21 वर्षीया आरोपी सुनीता के कब्जे से ब्लेकमेलिंग कर वसूली 15 हजार रुपए की रकम बरामद कर ली है। इनके खिलाफ गांव निमेड़ा, तहसील फागी के रहने वाले 38 वर्षीय भानुप्रताप सिंह ने फागी थाने में 15 मई को मुकदमा दर्ज करवाया था। जिसमें बताया कि 26 अप्रैल से अभी तक आरोपी राजू बावरिया नाम का व्यक्ति उसे बलात्कार के मुकदमे में फंसाने की धमकियां देकर डेढ़ लाख रुपए की रकम मांग रहा है। 
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तब फागी थानाप्रभारी अमीर हसन ने बारीकी से केस की पड़ताल शुरु की। इस दौरान सामने आया कि आरोपी पक्ष ने कई दफा पीड़ित भानुप्रताप को रुपयों का इंतजाम कर दूर दराज इलाके में बुलाया। लेकिन शातिर होने से वह एनवक्त पर अपनी लोकेशन बदल लेते थे।
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लोगों को फंसाने के लिए अपनाते थे ये तरीका

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मामले के तहत रविवार को भानुप्रताप ने फागी थानाप्रभारी को सूचना दी कि गिरोह का साथी उसे रुपए लेकर मांझी रेनवाल स्थित पुराने रेलवे स्टेशन पर बुलाया है। तब थानाप्रभारी अमीर हसन ने अपने लघु हस्ताक्षरशुदा 15 हजार रुपए के नोट पीड़ित भानुप्रताप को दिए और उसे पुराने रेलवे स्टेशन पर भेजा। इस दौरान महिला व पुरुषकर्मियों को सादावस्त्रों में पीछे भेजा गया। ज्योंही गिरोह ने भानुप्रताप से मांझी रेनवाल में रुपए लिए। तभी ईशारा मिलने पर ​पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपियों को धरदबोचा।

एडिशनल एसपी रामप्रकाश शर्मा के मुताबिक यह गिरोह अपनी महिला सदस्यों के जरिए अनजान मोबाइल नंबरों पर फोन करवाता है। किसी व्य​क्ति के बातचीत में फंसने पर झांसे में लेकर मुलाकात करती है। इसके बाद गिरोह का मास्टरमाइंड राजू व अन्य लोग चंगुल में फंसे पीड़ित को उसके खिलाफ एसटी एससी एक्ट और बलात्कार के झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रुपए वसूलते है।

इस ​गिरोह ने फागी, दूदू व नरेना में ऐसी वारदातें की है। रुपए नहीं मिलने पर कोर्ट या थाने पहुंचकर बलात्कार का मुकदमा दर्ज करवाते है। फिर अनुसंधान के दौरान ही राजीनामा कर मोटी रकम वसूल कर लेते है। या फिर 164 सीआरपीसी के बयान में पक्षद्रोही होकर राजीनामा कर लेते है। 
 
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