Rajasthan: RAS अफसर के विवादित मैसेज पर बवाल, हनुमानजी को बंदर, देवताओं को बताया रेपिस्ट
आरएएस एसोसिएशन के व्हाट्सअप ग्रुप में एक आरएएस अधिकारी ने विवादित मैसेज कर दिया। मैसेज हिंदू देवी-देवताओं और ब्राह्मणों को लेकर था। ग्रुप में जुड़े अधिकारियों के विरोध के बाद मैसेज भेजने वाले आरएएस अधिकारी ने ग्रुप ही लेफ्ट कर दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान प्रशासनिक सेवा के एक अफसर ने हिंदू देवी-देवताओं को लेकर एक विवादित मैसेज कर दिया। जिससे बवाल हो गया। आरएएस अफसर ने व्हाट्सअप मैसेज में हनुमानजी को बंदर बताया। देवताओं को रेपिस्ट करार दिया। इसके अलावा मैसेज में भगवान कृष्ण, विष्णु और सीताजी सहित कई हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक बातें कही गईं।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार गुरुवार रात जॉइंट सेक्रेटरी केसरलाल मीणा ने आरएएस एसोसिएशन के ग्रुप में 574 शब्दों का एक मैसेज फॉरवर्ड किया। मैसेज देखकर ग्रुप में जुड़े अधिकारियों का माथा ठनका। मैसेज इस प्रकार था ' ब्रह्माणों ने बताया-बिना पंख के बंदर उड़ गया...हमने मान लिया। ब्रह्माणों ने बताया-गेंद यमुना में चली गई, कृष्ण को निकालने के लिए शेषनाग से लड़ना पड़ा हमने माना'। ब्रह्माणों ने हत्यारे, लुटेरे, व्याभाचारी लोगों को भगवान और देवी-देवता बताया। मैसेज में सीता और अन्य भगवान पर भी टिप्पणी की गई।
इस मैसेज में मुख्य रूप से ब्राह्माणों को टारगेट किया गया था। आपत्तिजनक मैसेज देखकर ग्रुप में मौजूद एक के बाद एक कई अफसर 20 मिनट तक मैसेज के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया जताते रहे।
हंगामा बढ़ता देख रात 10:26 बजे आरएस अधिकारी केसरलाल ने मैसेज डिलीट कर दिया और लिखा कि सॉरी, गलती से फारवर्ड हो गया। यह लिखने के बाद केसरलाल ने ग्रुप लेफ्ट कर दिया। उल्लेखनीय है कि आरएएस एसोसिएशन के ग्रुप में राज्य के 500 से ज्यादा अफसर जुड़े हुए हैं। आरएएस राज्य की सबसे बड़ी प्रशासनिक सेवा मानी जाती है।