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अल्फोंस का राज्यसभा सदस्य चुना जाना तय, दाखिल किया नामांकन
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 06 Nov 2017 12:24 PM IST
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केजे अल्फोंस
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केन्द्रीय पर्यटन राज्य मंत्री केजे अल्फोंस ने आज राज्यसभा की एक सीट के लिए हो रहे उपचुनाव के लिए जयपुर में नामांकन दाखिल किया। उपचुनाव के लिए मतदान 16 नवंबर को होना है।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंचे अल्फोंस ने इससे पूर्व विधायक दल की बैठक को भी सम्बोधित किया। गौरतलब है कि एम वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद यह उपचुनाव हो रहा है। इस चुनाव में कांग्रेस ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है इसलिए अल्फोंस का चुना जाना लगभग तय है।
इस खाली सीट पर होने वाले चुनाव के लिए भाजपा ने केन्द्रीय पर्यटन राज्य मंत्री अल्फोंस कन्ननथनम को उम्मीदवार बनाया है। वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति बनने के बाद मोदी सरकार में राजस्थान कोटे से मंत्रियों की संख्या छह हो गई थी। लेकिन अब पुन: राजस्थान से मोदी सरकार में सात मंत्री होंगे। हालांकि यह सभी राज्यमंत्री है।
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मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंचे अल्फोंस ने इससे पूर्व विधायक दल की बैठक को भी सम्बोधित किया। गौरतलब है कि एम वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद यह उपचुनाव हो रहा है। इस चुनाव में कांग्रेस ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है इसलिए अल्फोंस का चुना जाना लगभग तय है।
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इस खाली सीट पर होने वाले चुनाव के लिए भाजपा ने केन्द्रीय पर्यटन राज्य मंत्री अल्फोंस कन्ननथनम को उम्मीदवार बनाया है। वेंकैया नायडू के उपराष्ट्रपति बनने के बाद मोदी सरकार में राजस्थान कोटे से मंत्रियों की संख्या छह हो गई थी। लेकिन अब पुन: राजस्थान से मोदी सरकार में सात मंत्री होंगे। हालांकि यह सभी राज्यमंत्री है।
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कांग्रेस के लिए विषम परिस्थिति
फाइल फोटो।
उपचुनाव में निर्वाचित होने वाले सदस्य का कार्यकाल जुलाई 2022 तक रहेगा। इस चुनाव में 199 विधायक मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
गौरतलब है कि राजस्थान में राज्यसभा की दस सीटें है। जिसमें वर्तमान में सात सीटों पर भाजपा के सदस्य काबिज है जबकि दो सीट कांग्रेस के कब्जे में है। वहीं एक सीट खाली है। यहां से कांग्रेस की मुश्किल अगले वर्ष और बढ़ेंगी जब अप्रेल माह में दोनों कांग्रेस सदस्य का कार्यकाल पूरा हो जाएगा।
भाजपा के संख्या बल के आगे कांग्रेस का पुन: इन सीटों पर काबिज होना मुश्किल दिख रहा है।
गौरतलब है कि राजस्थान में राज्यसभा की दस सीटें है। जिसमें वर्तमान में सात सीटों पर भाजपा के सदस्य काबिज है जबकि दो सीट कांग्रेस के कब्जे में है। वहीं एक सीट खाली है। यहां से कांग्रेस की मुश्किल अगले वर्ष और बढ़ेंगी जब अप्रेल माह में दोनों कांग्रेस सदस्य का कार्यकाल पूरा हो जाएगा।
भाजपा के संख्या बल के आगे कांग्रेस का पुन: इन सीटों पर काबिज होना मुश्किल दिख रहा है।