बजट के 'चुनावी' प्रचार के लिए BJP ने जिलाध्यक्षों को सौंपी ये बड़ी जिम्मेदारी
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इस साल के आखिरी में होने वाले विधानसभा चुनाव का असर राजस्थान के बजट पर साफ तौर पर नजर आया है। इसे देखते हुए इसे चुनावी बजट भी कहा जा रहा है।
अब इस बजट की घोषणाओं को जनता के बीच पहुंचाने की जिम्मेदारी भाजपा ने अपने पदाधिकारियों को सौंपी है। राजस्थान विधानसभा में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सोमवार का राज्य का बजट पेश किया। यह मौजूद सरकार के कार्यकाल का आखिरी बजट है, क्योंकि इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव है। यह चुनावी वर्ष है और वर्तमान राज्य सरकार के पास अब काम करने के लिए सात-आठ महीने बचे हैं। इसके बाद भी किसानों, युवाओं, महिलाओं के वोट साधने के लिए बजट में कई लोकलुभावनी घोषणाएं की गई।
ये घोषणाएं पूरी होगी या नहीं, ये तो भविष्य बताएगा। इधर, भाजपा ने सरकार की उपलब्धियों और बजट घोषणाओं के प्रचार-प्रसार के लिए खास रणनीति बनाई है।
जिलाध्यक्षों को सौंपी ये जिम्मेदारी
भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने सभी जिलाध्यक्षों और मंत्रियों को सरकार की उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी सौंपी हैं।
जिलाध्यक्षों और मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिले में प्रेस कांफ्रेंस कर बजट की जानकारी दें। संगठन से मिले इन निर्देशों पर कई जिलाध्यक्षों ने अमल भी शुरू कर दिया है। पदाधिकारियों को बजट में अपने जिले से संबंधित बजट घोषणाओं के साथ-साथ सरकार की विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।