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समरसता के लिए एक श्मशान, एक मंदिर और एक जलस्रोत पर दें जोर - भागवत
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 18 Sep 2017 07:20 PM IST
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MOHAN BHAGWAT
- फोटो : GETTY IMAGES
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हमें सामाजिक समरसता के लिए एक शमशान, एक मंदिर और एक जलस्रोत पर जोर देना चाहिए। यह कहना है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत का।
वे आज जयपुर के भारती भवन में घुमंतू जातियों के मुखियाओं से बात कर रहे थे। डॉ. भागवत ने साफ संदेश दिया कि संघ हिंदू संगठन के माध्यम से राष्ट्र की सर्वांगीण उन्नति के लिए संपूर्ण समाज को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने घुमंतू जातियों के मुखियाओं से आह्वान किया कि हमको स्वाभिमान के साथ अपने समाज में शिक्षा-संस्कार की व्यवस्था करते हुए दृढ़ता के साथ कार्य करना चाहिए।
डॉ. भागवत से चर्चा के दौरान घुमंतू समाज के मुखियाओं ने उनके समक्ष अपनी समस्याओं को भी रखा। उन्होंने बताया कि घुमंतू होने के कारण समाज के लोगों के पहचान पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड, भामाशाह आदि नहीं बन पाते हैं। इसके चलते हमें शासकीय सुविधाओं से वंचित होना पड़ता है। इस पर सरसंघचालक ने कहा कि सेवा विभाग में काम करने वाले स्वयंसेवक इन कार्यों में सहयोग करते ही हैं, अब और अधिक गति से इस काम में सहयोग करेंगे ताकि आपकी पहचान को कोई संकट नहीं आए।
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वे आज जयपुर के भारती भवन में घुमंतू जातियों के मुखियाओं से बात कर रहे थे। डॉ. भागवत ने साफ संदेश दिया कि संघ हिंदू संगठन के माध्यम से राष्ट्र की सर्वांगीण उन्नति के लिए संपूर्ण समाज को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने घुमंतू जातियों के मुखियाओं से आह्वान किया कि हमको स्वाभिमान के साथ अपने समाज में शिक्षा-संस्कार की व्यवस्था करते हुए दृढ़ता के साथ कार्य करना चाहिए।
डॉ. भागवत से चर्चा के दौरान घुमंतू समाज के मुखियाओं ने उनके समक्ष अपनी समस्याओं को भी रखा। उन्होंने बताया कि घुमंतू होने के कारण समाज के लोगों के पहचान पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड, भामाशाह आदि नहीं बन पाते हैं। इसके चलते हमें शासकीय सुविधाओं से वंचित होना पड़ता है। इस पर सरसंघचालक ने कहा कि सेवा विभाग में काम करने वाले स्वयंसेवक इन कार्यों में सहयोग करते ही हैं, अब और अधिक गति से इस काम में सहयोग करेंगे ताकि आपकी पहचान को कोई संकट नहीं आए।
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मातृशक्ति से भी हुई चर्चा
मोहन भागवत
- फोटो : SELF
इस अवसर पर बागरिया, नट, सांसी, कालबेलिया, बावरी, बंजारा, गाड़िया लौहार आदि घुमंतू बिरादरियों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इसके अलावा उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में सेवा कार्यों में सक्रिय मातृशक्ति से भी बातचीत की। उन्होंने समाज में सेवा कार्य का नेतृत्व करने वाली मातृशक्ति को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विचार और कार्य के बारे में जानकारी दी और सेवा कार्य के अनुभव साझा किए।
उन्होंने ऐसे ही सेवा के काम देश और समाज की भलाई के लिए करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। राजस्थान की प्रसिद्ध कालबेलिया नृत्यांगना गुलाबो ने डॉ. भागवत को चर्चा में बताया की उन्होनें अब तक 5 हजार लड़कियों को नृत्य सिखाया।
उन्होंने ऐसे ही सेवा के काम देश और समाज की भलाई के लिए करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। राजस्थान की प्रसिद्ध कालबेलिया नृत्यांगना गुलाबो ने डॉ. भागवत को चर्चा में बताया की उन्होनें अब तक 5 हजार लड़कियों को नृत्य सिखाया।