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Politics: राजस्थान में बीजेपी के 10 से अधिक जिलाध्यक्षों की हो सकती है छुट्टी, विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज

Fri, 14 Oct 2022 12:43 PM IST
अरविंद कुमार आशीष कुलश्रेष्ठ, जयपुर
आशीष कुलश्रेष्ठ, जयपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Fri, 14 Oct 2022 12:43 PM IST
सार

राजस्थान में बीजेपी 2023 चुनाव की तैयारी शुरू कर चुकी है, जिसके चलते बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और अन्य नेताओ के दौरे संभागों में शुरू हो चुके हैं। हाल ही में प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया हाड़ौती की यात्रा पर कोटा पहुंचे थे। बीजेपी अपनी चुनावी तैयारी को अंतिम रूप देने में लग चुकी है।

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Before assembly elections more Than 10 district presidents of BJP may be on leave in Rajasthan
जिलाध्यक्षों की हो सकती है छुट्टी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राजस्थान में बीते तीन साल से बीजेपी बूथ स्तर पर अपनी तैयारी में जुटी है। बूथ स्तर पर बीजेपी ने 44 हजार से भी ज्यादा बूथ अध्यक्ष तैयार कर दिए हैं। अब बारी है जमीन पर रहकर काम करने वाले चेहरों की जो संगठन को जिले स्तर पर पार्टी के काम और योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए उत्तरदायी हैं।

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इसी कड़ी में बीजेपी जिला अध्यक्ष का नाम आता है। बीजेपी ने पूरे राजस्थान को अपने संगटन की दृष्टि और राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर जिलों में बांटा है। वैसे राजस्थान में 33 जिले हैं, परंतु बीजेपी की लिस्ट में 49 से ज्यादा जिले शामिल हैं, जो कि संगठन के दृष्टीकोण से बनाए गए हैं। क्योंकि बीजेपी चुनावी बिगुल बजा चुकी है और चुनावी तैयारियों में जुट चुकी है। इस क्रम में अब संगठन को मजबूती देने और कार्यकर्ताओं की नाराजगी को ध्यान में रखते हुए बीजेपी जिला स्तर पर बड़े बदलाव की घोषणा बहुत जल्द कर सकती है।
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सतीश पूनिया का दौरा...
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया जिलों के अध्यक्ष बदलने पर निरंतर काम शुरू कर चुके हैं। पूनिया के बहुत ही करीबी से मिली जानकारी के मुताबिक, बीजेपी 15 से ज्यादा जिलाध्यक्ष बदलने पर मंथन कर रही है, जो दीपावली के बाद कभी भी घोषणा कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में किन बातों का ध्यान रखा जाएगा, पूछा गया तो जवाब मिला कि जिलाध्यक्ष की पुरानी परफॉर्मेंस की सभी बिंदुओं को ध्यान रखकर ही ये फैसला किया जा रहा है, जिसमें प्रमुख है जिलाध्यक्ष का संगठन के प्रति आस्था। जिलाध्यक्ष का समय पर काम को पूरा करने का रिकॉर्ड और कार्यकर्ताओं के साथ जिलाध्यक्ष का सामंजस्य किस प्रकार का रहा है, ये प्रमुख बिंदु होंगे।
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वहीं, बीजेपी सूत्रों के अनुसार मिली जानकारी के मुताबिक, जयपुर जिले के दोनों जिलाध्यक्षों के बदले जाने की पूरी संभावना है। अलवर के भी दोनों जिलाध्यक्ष पद मुक्त किए जा सकते हैं। भरतपुर, धौलपुर, कोटा, दौसा, सवाईमाधोपुर, अजमेर, बाड़मेर, उदयपुर और बीकानेर के साथ अन्य जिलों के भी जिलाध्यक्ष बदलने की पूरी तैयारी कर ली गई है। नए चेहरों पर मंथन शुरू हो चुका है।

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