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यौन उत्पीड़न के आरोपी आसाराम को हाईकोर्ट से मिली इस मामले में राहत
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 22 Jan 2018 05:42 PM IST
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नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में फंसे आसाराम को आईटी एक्ट मामले में आज हाईकोर्ट से थोड़ी राहत मिली है। आसाराम की ओर से हाईकोर्ट में पेश सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दायर विविध अपराधिक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस संदीप मेहता ने आईटी एक्ट मामले में अगले आदेश तक सुनवाई पर अंतरिम रोक लगा दी।
आसाराम की ओर से अधिवक्ता नीलकमल बोहरा ने पैरवी करते हुए बताया कि जो धाराएं आरोपित की जा रही हैं, उनमें अपराध बनता ही नहीं है। हाईकोर्ट जस्टिस ने प्रारम्भिक सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट में चल रही सुनवाई पर 27 फरवरी तक अंतरिम रोक लगा दी है।
दरअसल, आसाराम पर उदयमंदिर थाने के तत्कालीन थानाधिकारी हरजीराम ने 15 नवम्बर 2014 एफआईआर दर्ज करवाकर आसाराम और उसके समर्थकों पर जान से मारने की धमकी देने को आरोप लगाया था।
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आसाराम की ओर से अधिवक्ता नीलकमल बोहरा ने पैरवी करते हुए बताया कि जो धाराएं आरोपित की जा रही हैं, उनमें अपराध बनता ही नहीं है। हाईकोर्ट जस्टिस ने प्रारम्भिक सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट में चल रही सुनवाई पर 27 फरवरी तक अंतरिम रोक लगा दी है।
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दरअसल, आसाराम पर उदयमंदिर थाने के तत्कालीन थानाधिकारी हरजीराम ने 15 नवम्बर 2014 एफआईआर दर्ज करवाकर आसाराम और उसके समर्थकों पर जान से मारने की धमकी देने को आरोप लगाया था।
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अब इन धाराओं पर चलेगा मामला
asaram bapu
पुलिस ने इस मामले में आसाराम के खिलाफ 353, 355, 384, 117, 189, 120 आईपीसी व 66ए आईटी एक्ट में जोधपुर महानगर मजिस्ट्रेट संख्या तीन की अदालत में चालान पेश किया था। कोर्ट ने इसमे से 384 व 66ए में पूर्व में उन्मोचित कर दिया था अब शेष धाराओ में अदालत में विचारण शुरू चल रहा है, परिवादी सीआई हरजीलाल के बयान भी हो चुके हैं।
आज हाईकोर्ट मे इस मामले में सुनवाई करते हुए यह माना कि प्रथम दृष्टिया आसाराम पर 353 व 355 में अपराध नही बनता जिसके चलते आज हाईकोर्ट जस्टिस संदीप मेहता ने आगामी आदेश तक केस की सुनवाई पर रोक लगा दी है।
आज हाईकोर्ट मे इस मामले में सुनवाई करते हुए यह माना कि प्रथम दृष्टिया आसाराम पर 353 व 355 में अपराध नही बनता जिसके चलते आज हाईकोर्ट जस्टिस संदीप मेहता ने आगामी आदेश तक केस की सुनवाई पर रोक लगा दी है।