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घोड़ी नहीं चढ़ सकेंगे यहां के दूल्हे, कैसे ब्याहने जाएंगे दुल्हन...
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 31 Oct 2017 10:34 AM IST
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फाइल फोटो।
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देवउठनी एकादशी के मौके पर आज से विवाह व अन्य मांगलिक कार्यों का शुभारंभ हो रहा है। लेकिन राजस्थान में होने वाली शादियों में दुल्हे की एक तमन्न अधूरी रहेगी और वह है घोड़ी चढ़ने की।
राज्य के पशुपालन विभाग सहित राजस्थान टैंट डीलर्स किराया व्यवसाय समिति ने शादियों में घोड़े-घोड़ी के उपयोग पर रोक लगा दी है। इस रोक का प्रमुख कारण है ग्लैंडर्स नाम का रोग। इस रोग से राजस्थान के कई शहरों में अब तक 25 से अधिक घोड़े-घोड़ियों व खच्चर की जान जा चुकी है।
पशुपालन विभाग के अनुसार ग्लैंडर्स बीमारी का इलाज अभी तक संभव नहीं हो सका है व इस बीमारी के इंसानों में भी फैलने की पूर्ण संभावना है।
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राज्य के पशुपालन विभाग सहित राजस्थान टैंट डीलर्स किराया व्यवसाय समिति ने शादियों में घोड़े-घोड़ी के उपयोग पर रोक लगा दी है। इस रोक का प्रमुख कारण है ग्लैंडर्स नाम का रोग। इस रोग से राजस्थान के कई शहरों में अब तक 25 से अधिक घोड़े-घोड़ियों व खच्चर की जान जा चुकी है।
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पशुपालन विभाग के अनुसार ग्लैंडर्स बीमारी का इलाज अभी तक संभव नहीं हो सका है व इस बीमारी के इंसानों में भी फैलने की पूर्ण संभावना है।
लगातार हो रही है मौतें
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आयोजकों के साथ दुल्हों के परिवार से भी अपील की जा रही है कि शादी में घोड़ी का इस्तेमाल नहीं करे। इस बीमारी के लक्ष्ण सबसे पहले राजस्थान के धौलपुर में घोड़े-घोड़ी में बीते वर्ष दिखाई दिए थे।
इन पशुओं के लिए जानलेवा बन चुके इस रोग के उपचार के लिए विभाग भरसक प्रयत्न कर रहा है। लेकिन पीड़ित पशुओं को लगातार मौत हो रही है। वहीं आज से प्रारंभ हो रहे शादियों के सीजन में घोड़ी के इस्तेमाल पर लगी रोक इनके पालकों के लिए भी नुकसानदायक साबित हो रही है।
इन पशुओं के लिए जानलेवा बन चुके इस रोग के उपचार के लिए विभाग भरसक प्रयत्न कर रहा है। लेकिन पीड़ित पशुओं को लगातार मौत हो रही है। वहीं आज से प्रारंभ हो रहे शादियों के सीजन में घोड़ी के इस्तेमाल पर लगी रोक इनके पालकों के लिए भी नुकसानदायक साबित हो रही है।