{"_id":"58edf0614f1c1bc342cf554c","slug":"all-you-need-to-know-about-bikaner-land-scam","type":"story","status":"publish","title_hn":"जानिए, क्या है बीकानेर जमीन घोटाला, जिसमें फंसे वाड्रा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जानिए, क्या है बीकानेर जमीन घोटाला, जिसमें फंसे वाड्रा
amarujala.com, Presented By: विजय जैन
Updated Wed, 12 Apr 2017 02:46 PM IST
विज्ञापन
रॉबर्ट वाड्रा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली एनसीआर में ईडी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के बेहद करीबियों पर जिस जमीन घोटाले को लेकर छापे मारे, वह घोटाला बीकानेर में हुआ था। इस बहुचर्चित घोटाले में वाड्रा के कथित तौर पर शामिल होने की बात सामने आई थी।
बीकानेर में वाड्रा ने स्काईलाइट कंपनी के जरिए अरबों रुपए की जमीनें बेहद सस्ते दामों में खरीदी थी, जिसके बाद वहीं जमीनें एलाजिनी फिनलेज नामक कंपनी ने वाड्रा की कंपनी से महंगे दामों में खरीदी।
इस कंपनी में रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मॉरिन डायरेक्टर के पद पर हैं।
मामले में आरोपी महेश नागर के पास वाड्रा की कंपनी के जरिए जमीन खरीदने और बेचने की पावर दी गई थी और उसी के चलते महेश ने बीकानेर में जमीनें खरीदकर उन्हें बेचने का काम किया।
विज्ञापन
घोटाले के समय राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, जिसका राजनीतिक फायदा उठाते हुए वाड्रा ने बीकानेर में जमीनों की खरीद फरोख्त की वहीं यह मामला विधानसभा से लेकर लोकसभा में भी उठा था जहां भाजपा ने कांग्रेस को चौतरफा घेरा था।
भाजपा ने भी अपने घोषणापत्र में इस बहुचर्चित घोटाले को उजागर करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का वादा किया था। भाजपा के केंद्र में आने के बाद से ही वाड्रा की मुश्किलें दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। यहां तक की प्रवर्तन निदेशालय ने भी इस घोटाले की जांच करते हुए लगभग सभी जमीनों को सरकार के नाम कर दिया है और मामले की जांच अब भी जारी है।
विज्ञापन
बीकानेर में वाड्रा ने स्काईलाइट कंपनी के जरिए अरबों रुपए की जमीनें बेहद सस्ते दामों में खरीदी थी, जिसके बाद वहीं जमीनें एलाजिनी फिनलेज नामक कंपनी ने वाड्रा की कंपनी से महंगे दामों में खरीदी।
विज्ञापन
इस कंपनी में रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मॉरिन डायरेक्टर के पद पर हैं।
मामले में आरोपी महेश नागर के पास वाड्रा की कंपनी के जरिए जमीन खरीदने और बेचने की पावर दी गई थी और उसी के चलते महेश ने बीकानेर में जमीनें खरीदकर उन्हें बेचने का काम किया।
विज्ञापन
घोटाले के समय राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, जिसका राजनीतिक फायदा उठाते हुए वाड्रा ने बीकानेर में जमीनों की खरीद फरोख्त की वहीं यह मामला विधानसभा से लेकर लोकसभा में भी उठा था जहां भाजपा ने कांग्रेस को चौतरफा घेरा था।
भाजपा ने भी अपने घोषणापत्र में इस बहुचर्चित घोटाले को उजागर करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का वादा किया था। भाजपा के केंद्र में आने के बाद से ही वाड्रा की मुश्किलें दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। यहां तक की प्रवर्तन निदेशालय ने भी इस घोटाले की जांच करते हुए लगभग सभी जमीनों को सरकार के नाम कर दिया है और मामले की जांच अब भी जारी है।