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कोटा के बारे में ये जानकार रह जाएंगे हैरान

Sat, 20 May 2017 07:02 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Sat, 20 May 2017 07:02 PM IST
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95 percent of the state's coriander is produced here
कोटा ग्राम - फोटो : अमर उजाला
राजस्थान के कोटा में ग्लोबल  राजस्थान एग्रोटेक मीट (ग्राम) 24 से 26 मई तक आयोजित हो रहा है। राजस्थान का यह संभाग कई प्रमुख नकदी फसलों के उत्पादन के मामले में आगे है। 
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ग्राम मे दौरान यहां पैदा होने वाली प्रमुख फसलों को लेकर प्रगतिशील किसानों के बीच मंथन होगा। बात करें धनिये को राजस्थान का करीब 95 फीसदी धनिया यहां कोटा संभाग में पैदा होता है। कृषि विभाग की प्रमुख सचिव नीलकमल दरबारी ने बताया कि धनिया का सबसे ज्यादा उत्पादन कोटा, बूंदी, बारां एवं झालावाड़ में होता है। यहां अधिक ऑयल कंटेंट वाली धनिये की नई किस्म उत्पन्न करने के भरपूर अवसर उपलब्ध है। धनिया के भंडारण तथा पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट में काफी संभावनाएं हैं। इसी प्रकार से फार्मास्युटिकल्स इंडस्ट्री, जिनमें धनिया इंग्रेडिएंट के रूप में उपयोग में लिया जाता है, के लिए यहां व्यापक अवसर है।
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उन्होंने बताया कि कोटा सम्भाग भारत में संतरे और लहसुन का चौथा सबसे बड़ा उत्पादक है। गत कुछ वर्षों में इस सम्भाग के लहसुन में महत्वपूर्ण प्रगति देखी गई है। लहसुन के बढ़ते उत्पादन को देखते हुए इस संभाग में आवश्यकतानुसार लहसुन प्रसंस्करण इकाइयां होनी चाहिए। लहसुन के उत्पादन और उपलब्ध प्रसंस्करण इकाइयों में यह अंतर इस सम्भाग में निवेश के अवसर प्रदान करता है। डिहाइड्रटेड गार्लिक, गार्लिक फ्लेक्स एवं गार्लिक पाउडर, भोजन एवं दवा उद्योग के महत्वपूर्ण घटक के रूप में भी गार्लिक में बहुत अधिक संभावना है।
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सिट्रस फ्रूट्स के उत्पादन में कोटा सम्भाग का प्रमुख स्थान है। 2015-16 में राज्य के कुल संतरा उत्पादन का 98 प्रतिशत उत्पादन अकेले इस क्षेत्र से हुआ है। इस सम्भाग में नान्ता में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) भी है, जो सिट्रस फ्रूट्स पर केंद्रित है। संतरे की प्रोसेसिंग के अतिरिक्त यहां पोस्ट हार्वेस्ट यूनिट्स जैसे ग्रेडिंग, सॉर्टिंग एवं पैकिंग यूनिट्स की स्थापना में भी अनेक अवसर उपलब्ध हैं। अमरूद इस क्षेत्र में उगाया जाने वाला एक अन्य प्रमुख फल है। राज्य के कुल अमरूद उत्पादन में यह क्षेत्र 24 प्रतिशत का योगदान देता है। राज्य के कुल औसत उत्पादन की तुलना में इस सम्भाग में अमरूद की उत्पादकता अधिक है।
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