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'परमेश्वर' देखता रह गया और उसके चार साथी समंदर में बह गए
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 24 Jul 2017 05:29 PM IST
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परमेश्वर वीडियो बना रहा था और उसके चार साथी समंदर किनारे एक चट्टान पर बैठे सेल्फी ले रहे थे। एक लहर आई और फिर सब कुछ खत्म।
परमेश्वर झाला राजस्थान के चुरू जिले की रतनगढ़ तहसील के नुवा गांव का रहने वाला है। वह इन दिनों दीव के केवड़ी जिले में एक कंस्ट्रक्शन कम्पनी में काम कर रहे है। कंपनी में छुट्टी होने के कारण परमेश्वर और उसके चार दोस्त समंदर किनारे मौज-मस्ती के लिए गए थे। सभी एक चट्टान पर बैठे थे और सेल्फी ले रहे थे। परमेश्वर दूर से इनका वीडियो बना रहा था। तभी एक लहर आई और सब कुछ खत्म हो गया।
इस हादसे के चश्मदीद परमेश्वर झाला ने 'अमर उजाला' को बताया कि उसके चार साथी इस लहर के साथ बह गए। इसमें से एक साथी शिबू सिंह तैरकर बाहर आ गया। रूंधे गले से परमेश्वर कहता है कि उसके तीन साथियों पृथ्वी राजपूत, चंदू सिंह और जीत राजपूत का अभी तक कोई पता नहीं चला है। उधर, दीव पुलिस के अनुसार इन तीनों की डूबने से मौत हो चुकी है। इनकी बॉडी सोमवार दोपहर तक नहीं मिली थी।
इस हादसे की सूचना के बाद उनके गांव नुवा में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे लगातार दीव प्रशासन से युवकों के बारे में जानकारी हासिल कर रहे है। सरपंच संतोष ने बताया कि उन्होंने इन युवकों के बारे में वहां प्रशासन से बातचीत की है, लेकिन अभी तक उनका पता नही चला।
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परमेश्वर झाला राजस्थान के चुरू जिले की रतनगढ़ तहसील के नुवा गांव का रहने वाला है। वह इन दिनों दीव के केवड़ी जिले में एक कंस्ट्रक्शन कम्पनी में काम कर रहे है। कंपनी में छुट्टी होने के कारण परमेश्वर और उसके चार दोस्त समंदर किनारे मौज-मस्ती के लिए गए थे। सभी एक चट्टान पर बैठे थे और सेल्फी ले रहे थे। परमेश्वर दूर से इनका वीडियो बना रहा था। तभी एक लहर आई और सब कुछ खत्म हो गया।
इस हादसे के चश्मदीद परमेश्वर झाला ने 'अमर उजाला' को बताया कि उसके चार साथी इस लहर के साथ बह गए। इसमें से एक साथी शिबू सिंह तैरकर बाहर आ गया। रूंधे गले से परमेश्वर कहता है कि उसके तीन साथियों पृथ्वी राजपूत, चंदू सिंह और जीत राजपूत का अभी तक कोई पता नहीं चला है। उधर, दीव पुलिस के अनुसार इन तीनों की डूबने से मौत हो चुकी है। इनकी बॉडी सोमवार दोपहर तक नहीं मिली थी।
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इस हादसे की सूचना के बाद उनके गांव नुवा में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे लगातार दीव प्रशासन से युवकों के बारे में जानकारी हासिल कर रहे है। सरपंच संतोष ने बताया कि उन्होंने इन युवकों के बारे में वहां प्रशासन से बातचीत की है, लेकिन अभी तक उनका पता नही चला।
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