Rajasthan: खतरे की घंटी ! जयपुर में 15 सुअर मृत मिले, अफ्रीकन स्वाइन फीवर फैलने का अंदेशा
सुअरों की मौत की सूचना पर ग्रेटर नगर निगम की महापौर, उपमहापौर सहित निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पशु प्रबंधन शाखा को सजग रहने का निर्देश दिया गया है। वहीं पशु विभाग मामले की जांच में जुटा है कि सुअर की मौत के पीछे वजह क्या है ?
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जयपुर में बुधवार को मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र के एक नाले में करीब 15 सुअर मृत मिले। जिसके बाद क्षेत्र में तरह-तरह की अफवाहें उड़ने लगी। कुछ लोगों ने सुअरों की मौत लंपी वायरस से होने की आशंका जताई। पशु चिकित्सकों ने अफ्रीकन स्वाइन फीवर का अंदेशा जताया है। हालांकि, ये जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार मामला सामने आने के बाद अधिकारी भी आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। ग्रेटर नगर निगम की महापौर, उपमहापौर सहित निगम के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से मृत सुअरों को नाले से निकालने के आदेश जारी किए। इसके साथ ही अफ्रीकन स्वाइन फीवर होने की स्थिति में पशु प्रबंधन शाखा को सजग रहने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि देश के कई राज्यों में अफ्रीकन स्वाइन फीवर के चलते लगातार सुअरों की मौत हो रही है। ऐसे में कई राज्यों के प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया है। इस बीमारी की अब तक कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। हरियाणा में अफ्रीकन स्वाइन फीवर से सुअरों की मौत हुई। जिसके बाद अन्य स्थानों पर भी तेजी से बीमारी फैल रही है।
भारतीय पशु चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान की के अनुसार अगस्त 2019 में भारत में पहली बार नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश में अफ्रीकन स्वाइन फीवर का वायरस फैला था। ये बीमारी सुअरों से मनुष्यों में नहीं फैलती लेकिन मनुष्य के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान के सुअरों तक पहुंच जाती है। ऐसे में पशुपालकों को सजग रहने की जरुरत हैं। वहीं राज्य का पशुविभाग इस मामले की जांच में जुट गया है।