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जूनोटिक बीमारियां: दुनिया में करीब 17 लाख अज्ञात वायरस, फैला सकते हैं संक्रमण; महामारी की आशंका

Sat, 20 Jul 2024 07:43 AM IST
ज्योति भास्कर अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क Published by: ज्योति भास्कर Updated Sat, 20 Jul 2024 07:43 AM IST
सार

स्वास्थ्य के मोर्चे पर नई उभरतीं जूनोटिक बीमारियां चिंताजनक हैं। इनसे महामारी फैलने का खतरा होता है। नई उभरतीं जूनोटिक बीमारियों जुड़ा एक पहलू यह भी है कि दुनिया में करीब 17 लाख अज्ञात वायरस हैं, जिनसे संक्रमण फैल सकता है।

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zoonotic diseases major concern threat of pandemic till 2030 know alarming facts
जूनोटिक बीमारियां बढ़ा रहीं चिंता (प्रतीकात्मक) - फोटो : एएनआई

विस्तार

विभिन्न प्रजातियों में उभरती नई जूनोटिक बीमारियां वर्ष 2030 तक एक और महामारी को जन्म दे सकती हैं। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) ने अपनी  नवीनतम रिपोर्ट में कहा है कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण में लगातार हो रहे बदलावों ने प्रजातियों के आवास क्षेत्रों को प्रभावित किया है। इस कारण प्रजातियों के बीच नए संपर्क पैदा हो रहे हैं, जिससे जानवरों से इन्सानों में बीमारियों के फैलने यानी जूनोटिक स्पिलओवर का खतरा बढ़ गया है। जानवरों, पक्षियों और दूसरे जीवों से इंसानों में फैलने वाली संक्रामक बीमारियों को वैज्ञानिक रूप से जूनोसिस या फिर ‘जूनोटिक डिजीज’ कहते हैं। इनका प्रसार बहुत तेज गति से होता है। इनके जरिये फैलने वाले संक्रमण वायरस, बैक्टीरिया, परजीवी और कवक जैसे कीटाणुओं के कारण होते हैं। दुनिया में अभी 17 लाख अज्ञात वायरस हैं जो गंभीर चिंता का विषय हैं।

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12 गुना अधिक जानें ले सकती हैं कुछ जूनोटिक बीमारियां
भूमि उपयोग में आ रहे बदलावों, वन विनाश, आवास क्षेत्रों को हो रहे नुकसान, बढ़ते शहरीकरण, वन्यजीवों की तस्करी और असंतुलित कृषि जैसी गतिविधियों से नई जूनोटिक बीमारियों के उभरने और फैलने का खतरा बढ़ जाता है।वैज्ञानिकों का अनुमान है कि नई कुछ जूनोटिक बीमारियां अगले तीन दशकों में 12 गुना अधिक जानें ले सकती हैं। वैश्विक स्तर पर करीब 60% उभरती संक्रामक बीमारियां जूनोटिक हैं।
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जानवरों से इन्सानों में फैल रही बीमारियां आठ फीसदी तक बढ़ीं
रिपोर्ट के अनुसार जूनोटिक स्पिलओवर की घटनाएं सालाना पांच से आठ फीसदी बढ़ रही हैं। अनुमान है कि 2020 की तुलना में 2050 तक सबसे आम रोगजनकों के कारण मनुष्यों में दस गुना अधिक मौतें होंगी। उभरते जूनोसिस डब्ल्यूएचओ के पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र में एक बढ़ता हुआ सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरा है। पिछले दो दशकों के दौरान इस क्षेत्र के 22 में से 18 देशों में उभरती हुई जूनोटिक बीमारियां सामने आई हैं।
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24 देशों में एवियन इन्फ्लूएंजा के 891 मामले सामने आए
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 24 देशों में इन्सानों में फैले एवियन इन्फ्लूएंजा (एच5एन1) के 891 मामलों की जानकारी दी है। इन मामलों में लोग उन जीवित और मृत पक्षियों के संपर्क में आने से बीमार हुए जो इस वायरस से संक्रमित थे। रिपोर्ट में इस बात की भी आशंका जताई गई है कि अज्ञात या नजरअंदाज कर दिए गए रोगाणुओं के चलते महामारी फैल सकती है। दुनिया में अभी 17 लाख अज्ञात वायरस हैं जो गंभीर चिंता का विषय हैं।

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