{"_id":"68d0428ce26ad8990d027c57","slug":"zca-demands-withdrawal-of-manipur-government-illegal-notification-on-land-registration-2025-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Manipur: जोमी समुदाय ने केंद्रीकृत भूमि पंजीकरण प्रणाली का किया विरोध, सरकार से अधिसूचना वापस लेने की मांग","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Manipur: जोमी समुदाय ने केंद्रीकृत भूमि पंजीकरण प्रणाली का किया विरोध, सरकार से अधिसूचना वापस लेने की मांग
Sun, 21 Sep 2025 11:53 PM IST
दीपक कुमार शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चुराचंदपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चुराचंदपुर
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sun, 21 Sep 2025 11:53 PM IST
सार
जोमी प्रमुख संघ (ZCA) ने मणिपुर सरकार की केंद्रीकृत भूमि पंजीकरण अधिसूचना को असांविधानिक बताते हुए वापस लेने की मांग की। संगठन का आरोप है कि यह आदिवासी अधिकारों पर हमला है और जो लोगों को अलग केंद्र शासित प्रदेश की ओर धकेल रहा है।
विज्ञापन
मणिपुर में तैनात सुरक्षा बल (फाइल)
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जोमी प्रमुख संघ (ZCA) ने रविवार को मणिपुर सरकार की उस अधिसूचना का विरोध किया, जिसमें पूरे राज्य के लिए एक केंद्रीकृत भूमि पंजीकरण प्रणाली लागू करने की बात कही गई है। संगठन ने इसे असांविधानिक और आदिवासी अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए तुरंत वापस लेने की मांग की।
विज्ञापन
जेडसीए ने आरोप लगाया कि मैतेई समुदाय ने झूठा दावा किया कि उन्हें आदिवासी बहुल क्षेत्र में प्रवेश करने से रोका गया है, जबकि हकीकत यह है कि मैतेई लोग पहाड़ी इलाकों में जमीन हासिल करने में कामयाब रहे। संगठन का आरोप है कि आजादी के बाद से ही व्यवस्थित तरीके से उनकी भूमि, खासकर घाटी से सटी सीमावर्ती जगहों पर, बिना उनकी अनुमति के मिला दी गई।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: अंडमान लोन घोटाला: CID ने 50,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, कांग्रेस नेता कुलदीप राय शर्मा समेत 100 आरोपी
विज्ञापन
अधिसूचना वापस न लेने पर संगठन ने ये दी चेतावनी
जेडसीए ने कहा कि इंफाल में सभी जमीनों का पंजीकरण कराने की कोशिश जनजातीय लोगों का सांविधानिक संरक्षण छीनने की योजना है। संगठन ने चेतावनी दी कि अगर अधिसूचना वापस नहीं ली गई तो जो जनजाति को अपने अधिकार और जमीन बचाने के लिए 'विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश' की मांग पर कायम रहना पड़ेगा।
चुराचांदपुर के विभिन्न स्थानों पर लगे मिले पोस्टर
18 सितंबर की अधिसूचना के अनुसार, मणिपुर सरकार ने स्थानीय लोगों से बाहरी लोगों को भूमि हस्तांतरण के लिए दस्तावेजों के पंजीकरण पर भी रोक लगा दी है। इधर, चुराचांदपुर के विभिन्न स्थानों पर शनिवार से पोस्टर लगे हुए मिले, जिन पर लिखा- 'हमारे जीवन को सुरक्षित करो, और हमारे भविष्य को बचाओ, पृथक्करण ही एकमात्र समाधान है और कोई समाधान नहीं, कोई आराम नहीं।'
ये भी पढ़ें: Mohan Bhagwat: 'भारत को 'सनातन' दृष्टिकोण अपनाकर अपनी राह तय करनी चाहिए', बोले आरएसएस प्रमुख भागवत
जातीय हिंसा में 260 से ज्यादा लोगों की हो चुकी मौत
गौरतलब है कि मई 2023 से मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा में अब तक 260 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। फिलहाल राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है।