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मलयेशिया से जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मामला आगे बढ़ाया जाएगा : भारत
Wed, 12 Jun 2019 10:16 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 12 Jun 2019 10:16 PM IST
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जाकिर नाइक
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विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक को भारत नहीं भेजे जाने के मलयेशियाई प्रधानमंत्री के बयान के बाद भारत की ओर से प्रतिक्रिया आई है। भारत सरकार ने कहा है कि भारतीय न्याय प्रणाली की निष्पक्षता असंदिग्ध है और मलेशिया के साथ इस मामले को आगे बढ़ाया जाएगा।
मलेशिया से जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में, आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा, "भारत की कई देशों के साथ प्रत्यर्पण की व्यवस्था है। अतीत में, भारत में सफल प्रत्यर्पण के कई मामले हैं। भारतीय न्याय प्रणाली की निष्पक्षता कभी भी सवालों के घेरे में नहीं आई। भारत सरकार ने डॉ. जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक अनुरोध किया है। हम मलेशिया के साथ इस मामले को आगे बढ़ाना जारी रखेंगे।"
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मलेशियाई मीडिया के हवाले से कहा गया है कि मलेशिया के प्रधानमंत्री डॉ. महातिर मोहम्मद के मुताबिक, मलयेशिया के पास अधिकार है कि वह जाकिर नाइक को न्याय नहीं मिलने की सूरत में उसे भारत प्रत्यर्पित न करे। जाकिर को ऐसा लगता है कि उसे भारत में निष्पक्ष सुनवाई का मौका नहीं मिलेगा।
वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फैसला लिया है कि वह इंटरपोल से आग्रह करेगा कि वह जाकिर नाइक के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करे। गैर जमानती वारंट हासिल करने के बाद जांच एजेंसी की ओर से यह कार्रवाई की गई है। मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत एजेंसी ने जाकिर व अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था, जिस पर अदालत ने संज्ञान लिया था।
अदालत ने मामले को 19 जून तक स्थगित किया है। अब ईडी को अदालत से वारंट मिलने की उम्मीद है। वारंट मिलने के बाद उम्मीद है कि ईडी रेड कॉर्नर नोटिस के लिए इंटरपोल की ओर रुख करेगा।
मलयेशिया भी इंटरपोल के सदस्यों में एक है, जिने भारत के साथ प्रत्यर्पण संधि में वर्ष 2010 में हस्ताक्षर किए थे। वारंट मिलने के बाद ईडी भी आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत जाकिर नाइक के खिलाफ कार्रवाई करने में सक्षम होगा।
जांच एजेंसी के अनुसार भारत और विदेशों में कुल 193 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। जबकि 50.46 करोड़ की संपत्ति पहले ही कुर्क की जा चुकी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा जाकिर नाइक के खिलाफ दर्ज करवाई गई एफआईआर के आधार पर ईडी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नाइक के खिलाफ जांच कर रहा है।
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मलेशिया से जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में, आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा, "भारत की कई देशों के साथ प्रत्यर्पण की व्यवस्था है। अतीत में, भारत में सफल प्रत्यर्पण के कई मामले हैं। भारतीय न्याय प्रणाली की निष्पक्षता कभी भी सवालों के घेरे में नहीं आई। भारत सरकार ने डॉ. जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक अनुरोध किया है। हम मलेशिया के साथ इस मामले को आगे बढ़ाना जारी रखेंगे।"
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Ministry of External Affairs in response to queries regarding the extradition of Zakir Naik from Malaysia: Government of India has made a formal request for the extradition of Zakir Naik. We would continue to pursue the matter with Malaysia. pic.twitter.com/C7NRIRWruV
— ANI (@ANI) June 12, 2019
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मलेशियाई मीडिया के हवाले से कहा गया है कि मलेशिया के प्रधानमंत्री डॉ. महातिर मोहम्मद के मुताबिक, मलयेशिया के पास अधिकार है कि वह जाकिर नाइक को न्याय नहीं मिलने की सूरत में उसे भारत प्रत्यर्पित न करे। जाकिर को ऐसा लगता है कि उसे भारत में निष्पक्ष सुनवाई का मौका नहीं मिलेगा।
वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फैसला लिया है कि वह इंटरपोल से आग्रह करेगा कि वह जाकिर नाइक के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करे। गैर जमानती वारंट हासिल करने के बाद जांच एजेंसी की ओर से यह कार्रवाई की गई है। मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत एजेंसी ने जाकिर व अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था, जिस पर अदालत ने संज्ञान लिया था।
अदालत ने मामले को 19 जून तक स्थगित किया है। अब ईडी को अदालत से वारंट मिलने की उम्मीद है। वारंट मिलने के बाद उम्मीद है कि ईडी रेड कॉर्नर नोटिस के लिए इंटरपोल की ओर रुख करेगा।
मलयेशिया भी इंटरपोल के सदस्यों में एक है, जिने भारत के साथ प्रत्यर्पण संधि में वर्ष 2010 में हस्ताक्षर किए थे। वारंट मिलने के बाद ईडी भी आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत जाकिर नाइक के खिलाफ कार्रवाई करने में सक्षम होगा।
जांच एजेंसी के अनुसार भारत और विदेशों में कुल 193 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। जबकि 50.46 करोड़ की संपत्ति पहले ही कुर्क की जा चुकी है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा जाकिर नाइक के खिलाफ दर्ज करवाई गई एफआईआर के आधार पर ईडी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नाइक के खिलाफ जांच कर रहा है।