Tirupati: टीटीडी गोशाला में जाने से रोके जाने से YSRCP नाराज, गायों की मौत के लिए सरकार को ठहराया था जिम्मेदार
टीटीडी के भूतपूर्व अध्यक्ष भूमना करुणाकर रेड्डी ने आरोप लगाया कि पिछले तीन महीनों में टीटीडी गोशाला में 100 देशी गायों की मौत हो चुकी है। बिना कोई उचित कारण बताए टीटीडी अधिकारी झूठा दावा कर रहे हैं कि कोई मौत नहीं हुई है। इसे लेकर वाईएसआरसीपी कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने गोशाला में प्रवेश करने से रोक दिया। इसे लेकर नेताओं ने प्रदर्शन किया।
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तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) की गोशाला में गायों की मौत का मामला गर्माया हुआ। गुरुवार को वाईएसआरसीपी कांग्रेस नेताओं ने गोशाला में जाने से रोकने के विरोध में प्रदर्शन किया। नेताओं ने आरोप लगाया कि उपेक्षा के कारण गायों की मौत हो रही है। पिछले दिनों नेताओं ने गायों की मौत के लिए टीटीडी और टीडीपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया था।
प्रदर्शन कर रहे नेताओं को जब पुलिस ने गोशाला में प्रवेश करने से रोका तो टीटीडी के पूर्व अध्यक्ष भूमना करुणाकर रेड्डी सड़क पर लेटकर विरोध जताया। उनके साथ तिरुपति के सांसद एम गुरुमूर्ति और अन्य कार्यकर्ताओं ने भी नारेबाजी और प्रदर्शन किया। वाईएसआरसीपी ने तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेतृत्व वाली सरकार पर मंदिर ट्रस्ट द्वारा संचालित तिरुमाला गोशाला में कुप्रबंधन के सबूतों को दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
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भूमना ने कहा कि सरकार ने हमारा प्रवेश रोक दिया क्योंकि उन्हें सच्चाई का डर है। उन्होंने अधिकारियों को गोशाला का निरीक्षण करने और रखरखाव के मानकों को साबित करने की चुनौती दी। वाईएसआरसीपी ने कहा कि उनके नेताओं को गैरकानूनी तरीके से रोका गया। यह कायरतापूर्ण कृत्य है। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट पर गायों की खराब देखभाल का आरोप लगाया।
टीटीडी के भूतपूर्व अध्यक्ष भूमना करुणाकर रेड्डी ने आरोप लगाया कि टीटीडी द्वारा प्रबंधित गोशाला में एक भयानक घटना घटी है। पिछले तीन महीनों में 100 देशी गायों की मौत हो चुकी है। बिना कोई उचित कारण बताए टीटीडी अधिकारी झूठा दावा कर रहे हैं कि कोई मौत नहीं हुई है। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट की पशु देखभाल की स्वतंत्र जांच की मांग की।
वाईएसआरसीपी नेता आरके रोजा ने भी हालात की निंदा की। साथ ही तिरुमाला में शराब, मारिजुआना और दुर्व्यवहार पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं मंदिर की पवित्रता और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाती हैं। पार्टी ने टीटीडी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही पवित्र मंदिर परिसर में हुई मौतों और बिगड़ती स्थिति के लिए गिरफ्तारी और जवाबदेही की मांग की।
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वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर का प्रबंधन करता है टीटीडी
तिरुमाला की पहाड़ियों पर स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर का प्रबंधन तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड (टीटीडी) करता है। इससे पहले तिरुपति के प्रसिद्ध लड्डू प्रसादम में जानवरों की चर्बी के इस्तेमाल पर जमकर विवाद हुआ था। बाद में मंदिर प्रशासन ने कहा था कि प्रसाद की पवित्रता बहाल कर ली गई है। टीटीडी ने बयान जारी कर बताया था कि अब प्रसाद पूरी तरह से पवित्र और बेदाग है।
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