विमान में आरामदायक कुर्सी पर छिड़ी बहस, मंत्रालय की दो टूक, 'ये स्लीपर बर्थ नहीं है'
नागिरक उड्डयन मंत्रालय ने आदेश दिया है कि विमान की सीट यात्रियों के बैठने के लिए है, ना कि सोने के लिए, इसलिए यात्रा के दौरान इस पर ना सोए।
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विमान में आरामदायक कुर्सी को लेकर दुनिया में छिड़ी बहस अब भारत तक भी पहुंच गई है। हाल ही में अमेरिकी विमान का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति सामने बैठी महिला के सीट पीछे करने पर बार-बार उसे पंच मार रहा है।
वीडियो में दिख रहा है कि महिला के सीट को झुकाने की वजह से पीछे बैठा व्यक्ति काफी परेशान हो रहा है। अब इस बहस में कूदते हुए केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा है, 'आपकी सीट स्लीपर बर्थ नहीं है।'
मंत्रालय ने कहा, 'थोड़ी सी तमीज और सम्मान को हमेशा सराहा जाता है। आपकी सीट कोई स्लीपर बर्थ नहीं है। ऐसे व्यक्ति न बनें, जिन्हें दूसरों की बिल्कुल भी परवाह नहीं हो।' इस ट्वीट में दो हैशटैग भी हैं, पहला-एक जिम्मेदार यात्री बनें, दूसरा-हवाई यात्रा के शिष्टाचार।
इकोनॉमी क्लास में सीटों के बीच कम दूरी और आरामदायक सीटों को लेकर अक्सर बहस होती रहती है। बीते 9 फरवरी को यह बहस उस समय एक बार फिर से छिड़ गई, जब वेंडी विलियम्स नाम की एक महिला ने एक ट्वीट किया। इस वीडियो में वेंडी ने अपनी सीट को पीछे की तरफ झुका रखा है और पीछे बैठा व्यक्ति बार-बार उस पर मुक्के मारता दिख रहा है।
महिला ने लिखा, 'यह व्यक्ति इस वजह से नाराज था कि मैंने सीट पीछे क्यों कर ली। इसने करीब नौ बार सीट पर पंच मारा। मैंने वीडियो बनाना शुरू किया, तब भी उसने यह हरकत बंद नहीं की। दूसरी शख्स थी अमेरिकनएयर फ्लाइट अटेंडेंट। उसने उल्टे मुझे ही डांटना शुरू कर दिया और उस शख्स को मुफ्त में रम परोसी।'
वीडियो के वायरल होने के बाद विमानन कंपनी डेल्टा के सीईओ एड बॉस्टियन भी इस बहस में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि कुर्सी को पीछे करना ग्राहक का अधिकार है, लेकिन इसका सही तरीका यही है कि वह सबसे पहले यह देखे कि क्या यह सही है या नहीं। अब भारत के उड्डयन मंत्रालय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कुर्सी पीछे करने की वजह से कुछ यात्रियों को दिक्कत हो सकती है।
A little bit of basic good manners and respect are always worth a thumbs up.
— Ministry of Civil Aviation (@MoCA_GoI) February 22, 2020
Your seat is not a sleeper berth. Don't be inconsiderate of other people's space.#BeAResponsibleTraveller #EtiquettesOfFlying pic.twitter.com/K8N30wLZRd