फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   You may face fate of Supertech twin towers, HC warns developer

Bombay HC: डेवलपर को कोर्ट की चेतावनी, अवैध इमारत बनाना जारी रखा तो नोएडा के ट्विन टावर्स जैसा होगा हश्र

Tue, 30 Aug 2022 09:03 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Amit Mandal Updated Tue, 30 Aug 2022 09:03 PM IST
सार

अदालत ने पिछले हफ्ते एक आर्किटेक्ट को उस स्थल का दौरा करने के लिए नियुक्त किया था जहां डेवलपर ने 1995 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करते हुए निर्माण कार्य शुरू किया था।

विज्ञापन
You may face fate of Supertech twin towers, HC warns developer
bombay high court - फोटो : social media

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि अगर डेवलपर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के स्टे के बावजूद खेल के मैदान के लिए आरक्षित प्लॉट के बगल में इमारत का निर्माण जारी रखने पर उसे नोएडा में सुपरटेक के अवैध ट्विन टावरों जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। यह टिप्पणी मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एम एस कार्णिक की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान की थी, जिसमें दावा किया गया है कि रियल एस्टेट डेवलपर मुंबई के उपनगर खार में एक खेल के मैदान के लिए आरक्षित भूमि पर अतिक्रमण कर रहा है।

विज्ञापन


1995 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन
अदालत ने पिछले हफ्ते एक आर्किटेक्ट को उस स्थल का दौरा करने के लिए नियुक्त किया था जहां डेवलपर ने 1995 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करते हुए निर्माण कार्य शुरू किया था। अदालत ने आर्किटेक्स को एक रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था कि यहां किस हद तक निर्माण किया गया है। मंगलवार को पीठ को सूचित किया गया कि आर्किटेक्ट द्वारा रिपोर्ट पेश कर दी गई है, जिसके बाद अदालत ने मामले को 20 सितंबर को आगे की सुनवाई के लिए स्थगित कर दिया। मुख्य न्यायाधीश दत्ता ने कहा ने कहा, आप सुपरटेक की तरह भाग्य का सामना कर सकते हैं। 
विज्ञापन


नोएडा में स्थित सुपरटेक के ट्विन टावरों को 28 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद विस्फोटकों का उपयोग करके ध्वस्त कर दिया गया था। यह माना गया कि जुड़वां टावर - एपेक्स (32 मंजिला) और सियेन (29 मंजिला) अवैध रूप से बनाए गए थे। रियल एस्टेट कंपनी ने विध्वंस के लिए भुगतान किया जिसकी लागत लगभग 20 करोड़ रुपये थी। पिछले हफ्ते हाई कोर्ट  ने मुंबई के डेवलपर पर 1995 में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बावजूद निर्माण जारी रखने के लिए फटकार लगाई थी। 1992 के डेवलपमेंट प्लान के तहत एक खेल के मैदान के लिए आरक्षित 6,000 वर्ग मीटर के भूखंड पर कोई निर्माण नहीं करने का निर्देश दिया गया था।  
विज्ञापन
विज्ञापन


इंटीग्रेटेड रियल्टी प्रोजेक्ट को आसपास के प्लॉट को विकसित करने की अनुमति देने वाली महाराष्ट्र सरकार की एजेंसी स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (एसआरए)ने कहा कि प्लॉट की सीमाएं बदल गई हैं और प्रस्तावित खेल के मैदान का आकार मूल 6,000 वर्ग से घटकर 5,255 वर्ग मीटर हो गया है। अदालत ने पिछले हफ्ते कहा था दावों को देखते हुए उसके लिए यह पता लगाना जरूरी है कि खेल के मैदान के लिए कितनी खाली जमीन उपलब्ध है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed