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यस बैंक संकट : ईडी ने दर्ज किया राणा कपूर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का नया मुकदमा

Wed, 18 Mar 2020 12:30 AM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/मुंबई Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 18 Mar 2020 12:30 AM IST
सार

ईडी ने इस महीने की शुरुआत में यस बैंक पर आरबीआई की तरफ से लगाई गई पाबंदियों के बाद कपूर व अन्य के खिलाफ मनी लान्ड्रिंग जांच शुरू की थी। 

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Yes Bank Crisis : ED filled new case of money laundering against Rana Kapoor
राणा कपूर

विस्तार

ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने फंसे यस बैंक के प्रमोटर राणा कपूर और उसकी पत्नी बिंदु के खिलाफ मनी लान्ड्रिंग का एक नया मुकदमा दर्ज किया है। दोनों पर एक रियल्टी कंपनी से 307 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है। ईडी के अधिकारियों ने मंगलवार को दावा किया कि यह रिश्वत दिल्ली के लिए वीआईपी लुटियंस जोन में कपूर दंपती को एक बंगला बाजार भाव से आधे दाम पर बेचने की आड़ में दी गई।

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जांच एजेंसी का कहना है कि कपूर दंपती को यह रिश्वत यस बैंक से गौतम थापर की कंपनी अवंता रियल्टी एंड ग्रुप कंपनीज को 1900 करोड़ रुपये का कर्ज दिलाने और उसकी रिकवरी प्रक्रिया को धीमा करने के बदले में दी गई। ईडी ने सीबीआई की तरफ से हाल ही में दर्ज एफआईआर के आधार पर इस मामले में मनी लान्ड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) के तहत प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की है। 
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ईसीआईआर को एफआईआर के ही बराबर माना जाता है। राणा को ईडी ने एक अन्य मामले में 8 मार्च को गिरफ्तार किया था और उसका 20 मार्च तक का रिमांड ले रखा है। ईडी अधिकारियों का दावा है कि एजेंसी ने राष्ट्रीय राजधानी में लुटियंस जोन के अमृत शेरगिल मार्ग पर 1.2 एकड़ जमीन पर बने बंगला नंबर 40 के मालिकाना हक, बिक्री और गिरवी से जुड़े बहुत सारे वित्तीय दस्तावेज हासिल किए हैं। 
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ईडी अधिकारियों का कहना है कि सीबीआई को शक है कि इस बंगले को बेचने के लिए ब्लिस एबोदे प्राइवेट लिमिटेड के जरिये राणा कपूर को दी गई बाजार भाव के आधे की छूट असल में यस बैंक से गौतम थापर की कंपनी अवंता रियल्टी एंड ग्रुप कंपनीज को दिए गए 1900 करोड़ रुपये के कर्ज की वसूली नहीं करने के लिए थी। इसी कारण सीबीआई ने इस मामले में पिछले सप्ताह कपूर व बिंदु के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। 

कपूर की पत्नी बिंदु ब्लिस एबोदे के दो निदेशकों में से एक है। सीबीआई ने यह सवाल उठाया है कि जब कपूर दंपती ने बंगला महज 378 करोड़ रुपये में खरीदा था, तो उसे तत्काल ही इंडियनबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड को 685 करोड़ रुपये के कर्ज के बदले गिरवी कैसे रख दिया? इसका मतलब बंगला बाजार भाव से करीब 307 करोड़ रुपये कम में खरीदा गया।

मनी लान्ड्रिंग के दो हो गए हैं मुकदमे

ईडी ने इस महीने की शुरुआत में यस बैंक पर आरबीआई की तरफ से लगाई गई पाबंदियों के बाद कपूर व अन्य के खिलाफ मनी लान्ड्रिंग जांच शुरू की थी। इस मामले में ईडी ने मुकदमा दर्ज करते हुए राणा कपूर के खिलाफ एक आपराधिक मामले की जांच शुरू की थी, जिसमें कपूर पर अपने परिवार के नियंत्रण वाली कंपनियों के जरिये कुछ बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों को अपने बैंक की तरफ से दिए गए बुरे कर्जों (एनपीए) की वसूली प्रक्रिया धीमी करने के बदले लाभ लेने का आरोप है। अब यह मनी लान्ड्रिंग मामले में ईडी की तरफ से कपूर के खिलाफ दूसरा मुकदमा है। 

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