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Year Ender 2025: आंतरिक सुरक्षा को मिली मजबूती...नक्सलियों की कमर टूटी; 182 से 11 जिलों तक घटा लाल आतंक

Wed, 31 Dec 2025 08:20 AM IST
शिवम गर्ग अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Wed, 31 Dec 2025 08:20 AM IST
सार

2025 में सुरक्षाबलों की सख्त कार्रवाई से नक्सलवाद की कमर टूट गई। 335 नक्सली ढेर हुए, हजारों ने हथियार डाले और लाल आतंक अब सिर्फ 11 जिलों तक सीमित रह गया।

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Year Ender 2025:  Decisive Crackdown on Naxalism in 2025 Strengthens Internal Security Across India
सुरक्षाबलों की सक्रियता ने तोड़ी नक्सलियों की कमर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

गृह मंत्री अमित शाह कई बार दोहरा चुके हैं कि नक्सलवाद के नासूर को 31 मार्च, 2026 तक जड़ से मिटा दिया जाएगा। 2025 इस लिहाज से निर्णायक साल साबित हुआ। सुरक्षाबलों ने आंतरिक सुरक्षा को मजबूती देते हुए कई बड़े नक्सलियों को ढेर किया। सरकार की आत्मसमर्पण नीति ने वर्षों से उग्रवाद की राह पर चलने वालों को हथियार छोड़ने के लिए प्रेरित किया।

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दशकों तक दहशत का पर्याय बने रहे वामपंथी उग्रवाद पर निर्णायक प्रहार का ही नतीजा है कि 2013 तक 182 जिलों में फैला लाल आतंकवाद अब केवल 11 जिलों तक सिमट चुका है। नक्सलवाद के खिलाफ हासिल उपलब्धियां केवल सुरक्षा या कानून-व्यवस्था की दृष्टि से ही मायने नहीं रखती हैं बल्कि इसने दूरदराज के इलाकों तक विकास की रोशनी भी पहुंचाई है। अब ऐसे इलाकों में स्कूल, अस्पताल नजर आने लगे हैं जहां पहले नक्सलियों की दहशत थी। दशकों तक वामपंथी उग्रवाद ने राज्य की क्षमता को कमजोर किया, जनजीवन संकट में डाला और संवेदनशील क्षेत्रों में विकास को बाधित किया। इसके बावजूद भारत ने साबित कर दिया कि स्थायी राजनीतिक संकल्प और संस्थागत समन्वय से चिरस्थायी परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, सरकार अगले तीन महीनों में नक्सल मुक्त भारत की दिशा में पूरी मजबूती से कदम बढ़ा रही है।

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335 नक्सली ढेर
सुरक्षाबलों ने 335 नक्सलों को ढेर किया,  2,167 से अधिक ने आत्मसमर्पण किया और 942 को गिरफ्तार किया गया। 21 अप्रैल से 11 मई तक चलाए गए ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट के तहत 27 कट्टर नक्सलों को मार गिराया गया। 24 मई को बीजापुर में 24 कट्टर नक्सलों ने आत्मसमर्पण किया।
 
एक करोड़ के इनामी ने डाले हथियार
14 से 17 अक्तूबर के बीच छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र में  258 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इसमें सतीश उर्फ टी. वासुदेव राव (केंद्रीय समिति का सदस्य) भी शामिल है। वासुदेव राव पर 1 करोड़ रुपये का इनाम था।

नक्सली नेता बासवराजू व हिडमा को मार गिराया
नवंबर में आंध्र के मारेडुमिल्ली वन क्षेत्र में एक मुठभेड़ में छह नक्सली ढेर, जिसमें कट्टर माओवादी नेता मड़वी हिड़मा, उनकी पत्नी राजे तथा कई करीबी सहयोगी शामिल थे। हिडमा साल 2013 के झीरम घाटी कांड और 2021 में सुकमा–बीजापुर मुठभेड़ में शामिल था।

सितंबर में महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा से सटे अबूझमाड़ में सुरक्षाबलों ने केंद्रीय समिति के शीर्ष सदस्यों कट्टा रामचंद्र और कादरी सत्यानारायण रेड्डी को मार गिराया। मई 2025 में छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में सुरक्षाबलों ने 27 माओवादियों को मार गिराया, जिनमें नंबाला केशव राव उर्फ बासवराजू भी शामिल था।

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