{"_id":"5a2fdb214f1c1b4e718b8b51","slug":"yasmin-ali-haque-of-unicef-india-said-it-is-saddened-by-heinous-rape-of-six-year-old-girl-in-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा में 6 साल की बच्ची से रेप की घटना पर यूनिसेफ ने दुख जताया","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
हरियाणा में 6 साल की बच्ची से रेप की घटना पर यूनिसेफ ने दुख जताया
टीम डिजिटल, अमर उजाला
Updated Tue, 12 Dec 2017 07:16 PM IST
विज्ञापन
यास्मीन अली हक
- फोटो : UNICEF
हरियाणा में उकलाना में 6 साल की बच्ची के साथ हुई निर्मम बलात्कार की वारदात राज्य में बच्चियों की असुरक्षा को बयां करती है। इस घटना पर बच्चों के हितों के लिए काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था यूनाइटेड नेशंस इंटरनेशनल चिल्ड्रेंस इमरजेंसी फंड (यूनिसेफ) ने दुख व्यक्त किया है।
बलात्कार के साथ बच्ची के साथ की गई दरिंदगी ने दिल्ली के निर्भया कांड की याद दिला दी है। उकलाना में शनिवार को हुई इस घटना से स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है। मुख्यमंत्री मनोहर खट्टर ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने के आदेश दिए हैं।
यह भी पढ़ें: बच्ची से दरिंदगी: परिजनों ने 27 घंटे बाद उठाया शव, पूरी रात धरना
विज्ञापन
हरियाणा में हुई इस जघन्य घटना पर यूनिसेफ की भारत में प्रतिनिधि डॉ. यास्मीन अली हक ने कहा है कि, 'यह खतरनाक और बहुत अपमानजनक है कि छह साल के बच्चों समेत हजारों बच्चे बलात्कार और हत्या की भयावह वारदातों के शिकार हो रहे हैं। साल 2016 में 16,000 से ज्यादा बच्चों का बलात्कार हुआ है जिसमें शिशु भी शामिल हैं।'
एनसीआरबी की साल 2016 की रिपोर्ट के मुताबिक 2016 में दर्ज बलात्कार के करीब 39,000 मामलों में 43 फीसदी पीड़ित बच्चे या 18 साल से कम उम्र की लड़कियां थीं।
यास्मीन ने कहा है कि समाज और बच्चों को हो रहे नुकसान और हिंसा को जारी रहने देना कोई विकल्प नहीं है। बच्चों का यौन उत्पीड़न और हिंसा का कुचक्र टूटे और उनके लिए एक सुरक्षित वातावरण बने इसके लिए वे हम पर आश्रित हैं।
उन्होंने कहा कि बीते कुछ सालों के दौरान भारतीय सरकार ने बाल यौन उत्पीड़न की समस्या के समाधान के लिए कानून बनाने और ऐसे हजारों मामलों पर कार्रवाई में तेजी लाकर काफी हद तक प्रगति की है। यौन दुर्व्यवहार के मामलों में लोगों में जागरूकता बढ़ रही है और इस मुद्दे पर एक जनमत तैयार करने के लिए लोग एकजुट हुए हैं।
यास्मीन कहती हैं कि यौन शोषण के मुद्दे को रोकने और उसका सामना करने के लिए बच्चों और उनके माता-पिता को और जागरूक करने की जरूरत है। यूनिसेफ लड़कियों और लड़कों के बलात्कार के मामलों में चुप्पी को तोड़ने के लिए भागीदारों के साथ काम करना जारी रखेगा।
विज्ञापन
बलात्कार के साथ बच्ची के साथ की गई दरिंदगी ने दिल्ली के निर्भया कांड की याद दिला दी है। उकलाना में शनिवार को हुई इस घटना से स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है। मुख्यमंत्री मनोहर खट्टर ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: बच्ची से दरिंदगी: परिजनों ने 27 घंटे बाद उठाया शव, पूरी रात धरना
विज्ञापन
हरियाणा में हुई इस जघन्य घटना पर यूनिसेफ की भारत में प्रतिनिधि डॉ. यास्मीन अली हक ने कहा है कि, 'यह खतरनाक और बहुत अपमानजनक है कि छह साल के बच्चों समेत हजारों बच्चे बलात्कार और हत्या की भयावह वारदातों के शिकार हो रहे हैं। साल 2016 में 16,000 से ज्यादा बच्चों का बलात्कार हुआ है जिसमें शिशु भी शामिल हैं।'
एनसीआरबी की साल 2016 की रिपोर्ट के मुताबिक 2016 में दर्ज बलात्कार के करीब 39,000 मामलों में 43 फीसदी पीड़ित बच्चे या 18 साल से कम उम्र की लड़कियां थीं।
यास्मीन ने कहा है कि समाज और बच्चों को हो रहे नुकसान और हिंसा को जारी रहने देना कोई विकल्प नहीं है। बच्चों का यौन उत्पीड़न और हिंसा का कुचक्र टूटे और उनके लिए एक सुरक्षित वातावरण बने इसके लिए वे हम पर आश्रित हैं।
उन्होंने कहा कि बीते कुछ सालों के दौरान भारतीय सरकार ने बाल यौन उत्पीड़न की समस्या के समाधान के लिए कानून बनाने और ऐसे हजारों मामलों पर कार्रवाई में तेजी लाकर काफी हद तक प्रगति की है। यौन दुर्व्यवहार के मामलों में लोगों में जागरूकता बढ़ रही है और इस मुद्दे पर एक जनमत तैयार करने के लिए लोग एकजुट हुए हैं।
यास्मीन कहती हैं कि यौन शोषण के मुद्दे को रोकने और उसका सामना करने के लिए बच्चों और उनके माता-पिता को और जागरूक करने की जरूरत है। यूनिसेफ लड़कियों और लड़कों के बलात्कार के मामलों में चुप्पी को तोड़ने के लिए भागीदारों के साथ काम करना जारी रखेगा।