फारुख के समर्थन में बोले सिन्हा- बातचीत की पहल करने वाला बता दिया जाता है देशद्रोही
कश्मीर की आजादी और अमेरिका की मध्यस्थता का समर्थन कर विवादों में घिरे जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला का भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने बचाव किया है। अब्दुल्ला को राष्ट्रवादी करार देते हुए सिन्हा ने कहा चुनाव प्रचार के दौरान आए उनके बयान का संदर्भ क्या था, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
उन्होंने अलगाववादियों से बातचीत की पहल या सलाह को देशद्रोह से जोड़ दिए जाने का आरोप लगाते हुए पूछा कि क्या अलगाववादियो से बातचीत का समर्थन करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी देशद्रोही हो जाते?
सिन्हा ने कहा कि अब्दुल्ला के राष्ट्रवादी होने पर किसी को शक नहीं होना चाहिए। उनके जिस बयान पर विवाद है, वह चुनाव प्रचार केदौरान आया था। ऐसे में मैं नहीं कह सकता कि इस बयान का संदर्भ क्या था। जहां तक मेरा मानना है तो अब्दुल्ला हमेशा से ही राष्ट्रवादी रहे हैं।
बातचीत की पहल करने वाले को बता दिया जाता है देशद्रोही
सिन्हा ने यह भी कहा कि वर्तमान माहौल में कश्मीरी अलगावादियों से बातचीत की पहल करने या सलाह देने वालों को देशद्रोही बता दिया जाता है। पूर्ववर्ती राजग सरकार के दौरान पीएम वापजेयी और वरिष्ठ मंत्री रहे लालकृष्ण आडवाणी ने भी बातचीत की पहल की थी। तो क्या वाजपेयी और आडवाणी देशद्रोही थे।
गौरतलब है कि फारुख ने बीते दिनों कहा था कि अगर भारत-पाकिस्तान बातचीत के जरिए कश्मीर समस्या का हल नहीं निकाल सकते तो अमेरिका को मध्यस्थता करनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने कश्मीर में सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंकने की घटना को अलग देश हासिल करने की लड़ाई बताया था।