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विश्व जनसंख्या दिवस का महत्व और इतिहास, क्या है इस बार की थीम

Sat, 11 Jul 2020 01:42 AM IST
Rohit Ojha न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Rohit Ojha Updated Sat, 11 Jul 2020 01:42 AM IST
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World Population Day 2020 Importance and history and what is the theme this Year
विश्व जनसंख्या दिवस

दुनिया भर में बढ़ती जनसंख्या के प्रति लोगों को जागररूक करने के लिए प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य यह है कि विश्व के हर एक व्यक्ति बढ़ती जनसंख्या की ओर ध्यान दे और जनसंख्या को रोकने में अपनी भूमिका निभाए। बढ़ती जनसंख्या विश्व के कई देशों के सामने बड़ी समस्या का रूप ले चुकी है। खासकर विकासशील देशों में जनसंख्या विस्फोट एक गंभीर चिंता का विषय है। इस दिन लोगों को परिवार नियोजन, लैंगिक समानता, मानवाधिकार और मातृत्व स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी जाती है।

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11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाने की शुरुआत साल 1989 में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की संचालक परिषद द्वारा हुई थी। उस समय विश्व की जनसंख्या लगभग 500 करोड़ थी। तब से प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को यह दिवस मनाया जाता है। इस दिन बढ़ती जनसंख्या के दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला जाता है और साथ ही लोगों को जनसंख्या पर नियंत्रण रखने के लिए जागरूक किया जाता है।
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इस दिवस को पहली बार 11 जुलाई 1990 को 90 से अधिक देशों में चिह्नित किया गया था। तब से कई देश के कार्यालयों, अन्य संगठनों और संस्थानों ने सरकारों और नागरिक समाज के साथ साझेदारी में विश्व जनसंख्या दिवस मनाया। विश्व जनसंख्या दिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिनमें जनसंख्या वृद्धि की वजह से होने वाले खतरों के प्रति लोगों को आगाह किया जाता है।
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विश्व जनसंख्या दिवस पर जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न समाजिक कार्यक्रमों व सभाओं का संचालन, प्रतियोगिताओं का आयोजन, रोड शो, नुक्कड़ नाटक अन्य कई तरीके शामिल हैं। वर्तमान में चीन और भारत दुनिया के सबसे अधिक जनसंख्या वाले देश हैं।  

इस बार का थीम

इस वर्ष का विषय विशेष रूप से कोरोना महामारी के समय में दुनियाभर में महिलाओं और लड़कियों के स्वास्थ्य और अधिकारों की सुरक्षा पर आधारित है। काम पर जाने वाली महिलाएं अक्सर असुरक्षित माहौल में काम करती हैं। श्रम बाजार में भी प्राय: महिलाओं की सुरक्षा के उपायों को खास तवज्जो नहीं दी जाती। यहां तक कि कोरोना महामारी के दौरान भी महिलाएं इसके आर्थिक प्रभावों से बहुत प्रभावित हुई हैं। दुनियाभर में लगभग 60 प्रतिशत महिलाएं अपने श्रम के माध्यम से अनौपचारिक रूप से अर्थव्यवस्था में योगदान देती हैं, ऐसे में उन पर पड़े आर्थिक प्रभाव की वजह से गरीबी के और बढ़ने का अधिक खतरा है।



वर्तमान में सबसे तेज गति से जनसंख्या वृद्धि करने वाला देश नाइजीरिया है, जिसके वर्ष 2050 तक अमेरिका को पीछे छोड़कर तीसरे स्थान पर पहुंचने की संभावना है। दुनियाभर में बुजुर्गों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्ष 1950 में बुजुर्गों से कहीं ज्यादा संख्या में युवा थे।

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