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विश्व रोगी सुरक्षा दिवस: डब्ल्यूएचओ ने कहा- बंद हों असुरक्षित दवा प्रथाएं, हर साल मर रहे 26 लाख लोग

Sun, 18 Sep 2022 05:37 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Sun, 18 Sep 2022 05:37 AM IST
सार

डब्ल्यूएचओ सुरक्षित दवा प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए एक प्रणालीगत तरीके अपनाने के लिए कई प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए क्षेत्र के देशों की मदद कर रहा है। इसके अलावा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और रोगी सुरक्षा नियमों के अनुपालन में वृद्धि पर जोर दिया जा रहा है।

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World Patient Safety Day: WHO said stop unsafe drug practices 26 lakh people dying every year
विश्व स्वास्थ्य संगठन - फोटो : social media

विस्तार

विश्व रोगी सुरक्षा दिवस पर डब्ल्यूएचओ ने शनिवार को असुरक्षित दवा प्रथाओं को समाप्त कर स्वास्थ्य देखभाल के दौरान परिहार्य नुकसान को रोकने की जरूरत पर प्रकाश डाला। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, असुरक्षित दवा प्रथाओं व गलतियों की वजह से अक्षमता और मौत के अलावा दुनियाभर में सालाना 4.2 करोड़ डॉलर का नुकसान होता है।

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दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा, दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र सहित निम्न और मध्यम आय वाले देशों में असुरक्षित देखभाल के कारण रोगियों के साथ 13.4 करोड़ प्रतिकूल घटनाएं होती हैं, जिनकी वजह से करीब 26 लाख लोगों की मौत होती है।
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इन पर दिया जा रहा जोर  
डब्ल्यूएचओ सुरक्षित दवा प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए एक प्रणालीगत तरीके अपनाने के लिए कई प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए क्षेत्र के देशों की मदद कर रहा है। इसके अलावा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और रोगी सुरक्षा नियमों के अनुपालन में वृद्धि पर जोर दिया जा रहा है। सुरक्षित दवाओं के उपयोग के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं को विकसित करने के लिए स्वास्थ्य सेवा के नेतृत्व को सशक्त बनाया जा रहा है।
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ये कारण हैं शामिल
पूनम सिंह के मुताबिक, असुरक्षित दवा प्रथाओं या गलतियो की कई वजह हो सकती हैं। मसलन, कमजोर दवा प्रणाली, खराब पर्यावरणीय परिस्थितियां या थकान जैसे मानवीय कारण इनमें शामिल हैं।

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