फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   World Literacy Day: 28 crore population of the country uneducated, Bihar-Telangana lag behind

विश्व साक्षरता दिवस: देश की 28 करोड़ जनसंख्या अशिक्षित, बिहार-तेलंगाना सबसे पीछे

Sun, 08 Sep 2019 11:40 AM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Trainee Trainee Updated Sun, 08 Sep 2019 11:40 AM IST
सार

  • आजादी के बाद देश में साक्षरता दर 57 फीसदी तक बढ़ी
  • यूनेस्को के मुताबिक भारत में सबसे ज्यादा अनपढ़ लोग
  • भारत में लगभग 28 करोड़ लोग अशिक्षित 

विज्ञापन
World Literacy Day: 28 crore population of the country uneducated, Bihar-Telangana lag behind
international literacy day

विस्तार

आज दुनियाभर में 52वां विश्व साक्षरता दिवस मनाया जा रहा है। ऐसे में भारत में साक्षरता दर के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले होने के साथ-साथ काफी परेशान करने वाले हैं। यूनेस्को की ग्लोबल एजुकेशन मॉनिटरिंग रिपोर्ट के अनुसार भारत को वर्ष 2050 में प्राइमरी शिक्षा, 2060 में माध्यमिक शिक्षा और 2085 में उच्च माध्यमिक शिक्षा का वैश्विक लक्ष्य हासिल करने में कामयाब होगा। 

विज्ञापन


अगर हम आजादी से वर्तमान साक्षरता दर का आंकलन करें तो स्थिति थोड़ी बेहतर हैं। आजादी के बाद से देश में साक्षरता का ग्राफ 57 प्रतिशत बढ़ा है लेकिन इसके बावजूद भी हम वैश्विक स्तर पर काफी पिछड़े हैं। 2011 में हुई जनगणना के अनुसार केरल (93.91%) भारत का सर्वाधिक साक्षर राज्य है। बिहार में यह दर जहां 63.82 फीसदी है वहीं तेलंगाना 66.50 फीसदी साक्षर है।
विज्ञापन


इसके बाद लक्ष्यद्वीप (92.28%), मिजोरम (91.58%), त्रिपुरा (87.75 %) और गोवा (87.40%) भी सूची में शामिल हैं। बिहार और तेलंगाना दो ऐसे राज्य हैं जिनकी साक्षरता दर सबसे कम है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


एक जानकारी के अनुसार भारत की साक्षरता दर विश्व की साक्षरता दर 84% से बेहद कम है। हालांकि देश में शुरू किए गए सर्व शिक्षा अभियान और साक्षर भारत के जरिए इस दिशा में सार्थक कदम उठाए जा गए हैं। वर्ष 2011 में हुई जनगणना के अनुसार भारत में साक्षरता दर 75.06% है। वहीं, आजादी के दौरान यानि वर्ष 1947 में यह महज 18 फीसदी थी। इस तरह हम कह सकते हैं कि हमारी स्थिति पहले के मुकाबले थोड़ी बेहतर हुई है। 

भारत में साक्षरता दर में भी लैंगिक असमानता देखने को मिल रही है। जिस प्रकार देश में आर्थिक असमानता है उसी प्रकार साक्षरता को लेकर भी महिलाओं और पुरुषों में गहरा अंतर देखने को मिलता है। देश में जहां पुरुषों की साक्षरता दर 82.14% है वहीं महिलाओं में यह केवल 65.46% है। महिलाओं में कम साक्षरता का मुख्य कारण अधिक आबादी और परिवार नियोजन की जानकारी का ना होना है।

पड़ोसी देशों के मुकाबले भारत की साक्षरता दर की स्थिति अच्छी

साक्षरता दर के मामले में भारत की स्थिति पड़ोसी देशों से थोड़ी अच्छी है। भले ही भारत साक्षरता दर के मामले में विकसित देशों की सूची में बहुत पीछे हैं, लेकिन विकासशील देशों की सूची में उसकी स्थिति बेहतर है। 

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में जहां 79% पुरुष 61% महिला और 71% युवा साक्षर हैं, वहीं भारत में इसके मुकाबले पुरुष 88%, महिला 74% और युवा पीढ़ी 81% साक्षर हैं। अगर हम अपने एक और पड़ोसी देश यानि नेपाल की बात करें तो यह मुल्क भारत से बराबरी जरूर कर रहा है। यहां पुरुष 88%, महिलाएं 78% और युवा पीढ़ी 83 % साक्षर है। 

वहीं, गरीब देश माने जाने वाला भूटान भी भारत से ज्यादा पीछे नहीं है। यहां 80% पुरुष, 68% महिलाएं और 74% युवा साक्षर हैं। वही, साक्षरता दर के मामले में बांग्लादेश की हालत बहुत अच्छे नहीं है फिर भी वो भारत से बहुत ज्यादा पीछे नही है। यहां पुरुषों की साक्षरता दर 75%, महिलाओं की 78% और युवाओं की 77% है।

एक रिपोर्ट के अनुसार छह करोड़ बच्चे आधारभूत शिक्षा से वंचित हैं। वहीं एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018 में भी हर पांच में से एक पुरुष और दो-तिहाई महिलाएं अनपढ़ है। वहीं, दुनियाभर में करीब 75.7 करोड़ लोग आज भी लिखने और पढ़ने में अक्षम हैं।

भारत में इस वर्ष विश्व साक्षरता दिवस की थीम साक्षरता और कौशल विकास रखी गई है। इस लिहाज से इंडिया स्किल्स रिपोर्ट, 2018 बेहद महत्वपूर्ण है, जिसके मुताबिक पिछले पांच साल में भारतीय ग्रेजुएट्स की एम्प्लॉयएबिलिटी (रोजगार क्षमता) 34% से बढ़कर 45.6% हुई है। 

यह आंकड़ा देखने में उत्साहजनक लग सकता है, लेकिन सच्चाई यह भी है कि अभी भी युवाओं की आधी आबादी रोजगार के लिए तैयार नहीं है। इसका अर्थ है कि उनके पास डिग्री तो है, लेकिन काम करने के लिए जरूरी स्किल्स नहीं हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed