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World Cup: भारत-आस्ट्रेलिया मैच में सुरक्षा इंतजाम अचूक, धमकी के चलते शीर्ष खुफिया एजेंसियां पहुंची अहमदाबाद

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Sat, 18 Nov 2023 02:37 PM IST
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सार
भारत-आस्ट्रेलिया मैच के दौरान जमीन से लेकर आसमान तक अचूक सुरक्षा, सुनिश्चित की जा रही है। देश के आधा दर्जन से ज्यादा एयरपोर्ट्स पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। यात्रियों को डबल चेक से गुजरना पड़ रहा है...
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World Cup: Security tightened in India Australia match, due to Khalistani threat intelligence agencies active
World cup - फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar

विस्तार

क्रिकेट वर्ल्ड कप-2023 का फाइनल मुकाबला भारत-आस्ट्रेलिया के बीच 19 नवंबर को गुजरात के अहमदाबाद स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच देखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई हस्तियां अहमदाबाद पहुंच रही हैं। आस्ट्रेलिया के पीएम को भी मैच देखने का न्योता भेजा गया था। हालांकि अब ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री रिचर्ड मार्ल्स, क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में मौजूद रहेंगे। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा आतंकियों की सूची में शामिल 'सिख फॉर जस्टिस' (एसएफजे) के मुखिया एवं खालिस्तानी दहशतगर्द गुरपतवंत सिंह पन्नू ने क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल मैच को 'वर्ल्ड टेरर कप' का फाइनल बताया था। पन्नू ने क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल मैच के दिन एयर इंडिया की फ्लाइट पर हमला करने की धमकी दी है। उसकी धमकी में कहा गया था कि दिल्ली का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बंद रहेगा। इसके मद्देनजर केंद्र सरकार की शीर्ष खुफिया एजेंसियों ने अहमदाबाद में डेरा डाल दिया है।

भारत-आस्ट्रेलिया मैच के दौरान जमीन से लेकर आसमान तक अचूक सुरक्षा, सुनिश्चित की जा रही है। देश के आधा दर्जन से ज्यादा एयरपोर्ट्स पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। यात्रियों को डबल चेक से गुजरना पड़ रहा है। हवाई अड्डों पर मानवीय इंटेलिजेंस, सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं पर नजर रखी जा रही है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जारी किए हैं जरूरी दिशा निर्देश

केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े एक अधिकारी का साफ कहना है कि फाइनल मैच के दौरान सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का कोई जोखिम मोल नहीं लिया जा सकता। सुरक्षा एजेंसियों को यह मालूम है कि धमकी किसने दी है और जमीन पर उसका कितना नेटवर्क है। चूंकि इस मैच में भारत के प्रधानमंत्री और आस्ट्रेलिया के डिप्टी पीएम सहित देश-विदेश से अहमदाबाद पहुंचीं अनेक हस्तियां मौजूद रहेंगी, ऐसे में अचूक सुरक्षा घेरा तो रहेगा ही। भारतीय वायु सेना का छोटा 'एयर शो' भी रहेगा। मैच की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जरूरी दिशा निर्देश जारी किए हैं। इस बाबत शीर्ष अफसरों की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए थे। प्रधानमंत्री की सुरक्षा करने वाले 'एसपीजी' दस्ते ने स्टेडियम का दौरा किया है। इसके अलावा शीर्ष खुफिया एजेंसियां आईबी और रॉ की टीम, वहां पहुंच चुकी हैं। एनएसजी, सीएपीएफ दस्ते, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), नागरिक उड्डयन ब्यूरो (बीसीए) और गुजरात पुलिस ने स्टेडियम से आसपास मोर्चा संभाल लिया है।

स्टेडियम के आसपास रहेगा ऐसा सुरक्षा घेरा

केंद्रीय एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, नरेंद्र मोदी स्टेडियम के आसपास कई चरणों में सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। चूंकि वहां पर एयर शो भी होगा, इसलिए एंटी मिसाइल और एंटी ड्रोन सिस्टम लगाया गया है। एनएसजी और दूसरे केंद्रीय बलों के स्नाइपर भी तैनात किए गए हैं। मैच के दौरान स्टेडियम के आसपास का क्षेत्र, नो फ्लाई जोन में तब्दील होगा। हालांकि भारतीय वायु सेना के जहाज और हेलीकॉप्टरों को ही उक्त क्षेत्र में उड़ान भरने की इजाजत होगी। सूत्रों का कहना है कि स्टेडियम और एयरपोर्ट के आसपास रॉ एवं डीआरडीओ ने कई तरह के तकनीकी उपकरण लगाए हैं। नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) ने विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर देश में करीब आधा दर्जन एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। टेम्परेरी एयरपोर्ट एंट्री पास, जारी करने पर रोक लगाई है। दिल्ली के आईजीआई, पंजाब और चंडीगढ़ सहित कई एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए डबल सिक्योरिटी चेक सिस्टम लागू किया गया है। विमान में यात्रियों का सामान पहुंचाने वालों से लेकर तकनीशियन तक, सभी स्टाफ पर नजर रखी जा रही है। इन्हें भी दोहरी सुरक्षा व्यवस्था से गुजरना पड़ रहा है। हवाई अड्डों पर अतिरिक्त रडार लगाए गए हैं। एयर इंडिया सहित सभी दूसरी विमानन कंपनियों के जहाजों पर चेक बढ़ाया गया है।

पन्नू ने दी थी हवाई हमलों की चेतावनी

सिख फॉर जस्टिस के संस्थापक एवं खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कई दिन पहले एअर इंडिया की उड़ानों को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। पन्नू ने अपने ऑडियो-वीडियो संदेश के जरिए यह चेतावनी दी थी कि कोई भी सिख समुदाय का व्यक्ति '19' नवंबर को एयर इंडिया की फ्लाइट से यात्रा नहीं करें। वजह, उनकी जान को खतरा हो सकता है। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने पन्नू की इस धमकी को गंभीरता से लिया था। एयरपोर्ट अथॉरिटी एवं सुरक्षा एजेंसियों ने हवाई अड्डों पर अचूक सुरक्षा का इंतजाम किया है। पन्नू की धमकी को कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा किया गया है। दिल्ली में हुई सुरक्षा एजेंसियों की अहम बैठक में एयरपोर्ट एवं हवाई जहाजों की सुरक्षा को लेकर कई बड़े निर्णय लिए गए।

तब कनिष्क विमान के टुकड़े-टुकड़े हो गए थे

22 जून, 1985 को एअर इंडिया विमान कनिष्क-182 की फ्लाइट ने कनाडा के मॉन्ट्रियल एयरपोर्ट से नई दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। 23 जून को विमान में ब्लास्ट हो गया। उस वक्त वह आयरिश हवाई क्षेत्र में उड़ रहा था। 9,400 मीटर की ऊंचाई पर कनिष्क विमान, टुकड़े-टुकड़े होकर अटलांटिक महासागर में जा गिरा। उस घटना में 329 लोग मारे गए थे। खास बात है कि कनाडा के मौजूदा पीएम जस्टिन ट्रूडो के पिता तब कनाडा के प्रधानमंत्री थे। मारे गए अधिकांश यात्रियों में ज्यादातर भारतीय मूल के कनाडाई नागरिक थे। उस वक्त भारत में खालिस्तानी गतिविधियां चरम पर थीं। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने कनाडा प्रशासन को इस तरह के हमले का अलर्ट भेजा था। उसमें कहा गया था कि ऑपरेशन ब्लूस्टार का बदला लेने के लिए सिख उग्रवादी एयर इंडिया की फ्लाइट को निशाना बना सकते हैं। इसके बावजूद कनाडा सरकार, उस हमले को नहीं रोक सकी। इस मामले की जांच करने वाले कनाडा सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस जॉन मेजर ने 2010 में कहा था, एयर इंडिया की फ्लाइट के साथ जो हादसा हुआ है, उसकी जिम्मेदारी कनाडा सरकार को लेनी चाहिए। इतने बड़े हादसे के लिए कनाडा सरकार, रॉयल कनाडियन माउंटेड पुलिस और कनाडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस, अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग सकती।

पाकिस्तानी आईएसआई कर रही 'पन्नू' का इस्तेमाल

पिछले दिनों 'सिख फॉर जस्टिस' के संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नू को लेकर केंद्रीय एजेंसियों ने एक नया डोजियर तैयार किया था। उसमें हैरान करने वाला खुलासा हुआ था। पन्नू, न केवल खालिस्तान का माहौल तैयार करने में जुटा था, बल्कि वह पाकिस्तान के इशारे पर इससे भी कहीं आगे बढ़ चुका था। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी आईएसआई ने पन्नू को भारत के खिलाफ इस्तेमाल किया है। उसने पन्नू को आर्थिक मदद भी पहुंचाई है। भारत में किसान आंदोलन के दौरान उसने लाल किला और इंडिया गेट पर खालिस्तानी झंडा फहराने वाले को भारी इनामी राशि देने की घोषणा की थी। उसके बाद स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर तोड़फोड़ की गतिविधियां करने व दूसरी कई तरह की आपराधिक वारदातों को अंजाम देने के लिए भी इनाम घोषित किया था। इसके लिए पन्नू को पाकिस्तान की तरफ से आर्थिक मदद दी जाती थी। पन्नू से कहा गया था कि वह पंजाब में खालिस्तान बनाए, तो वहीं देश के दूसरे हिस्सों को 'उर्दुस्तान' के दायरे में लाने का प्रयास करे। यही वजह थी कि पन्नू धीरे धीरे, खालिस्तान के एजेंडे को पंजाब के अलावा देश के दूसरे हिस्सों तक ले जाने की कोशिश कर रहा था।

आईएसआई ने तैयार किया 'उर्दुस्तान' का एजेंडा

पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश तक अपने नापाक इरादे ले जाने की योजना बना रखी थी। 'उर्दुस्तान' स्थापित करने का एजेंडा भी पाकिस्तानी आईएसआई ने तैयार किया था। किसान आंदोलन के बाद पन्नू एवं दूसरे खालिस्तानी आतंकियों के जरिए इस खतरनाक एजेंडे को तेजी से आगे बढ़ाया गया। पाकिस्तान की मंशा है कि पंजाब में खालिस्तान मूवमेंट अगर गली मुहल्ले तक पहुंच जाती है, तो उसके बाद पन्नू एवं दूसरे खालिस्तानी आतंकियों की मदद से 'उर्दुस्तान' पर काम होगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 'एसएफजे' के संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नू को आतंकी घोषित कर रखा है। पंजाब व दूसरे राज्यों में उसकी संपत्तियां जब्त की जा रही हैं। केंद्र सरकार ने एनआईए, रॉ, आईबी, ईडी व विभिन्न राज्यों में मौजूद आतंक रोधी इकाइयों को लेकर अलगाववादी और खालिस्तानी आतंकवादियों पर चोट करने की योजना बनाई है। इस बाबत पांच व छह अक्तूबर को नई दिल्ली में एक बैठक बुलाई गई थी। इसमें सभी राज्यों के शीर्ष पुलिस अफसर, सेंट्रल इंटेलिजेंस इकाइयां और राज्यों की आतंक रोधी इकाई, एनआईए के साथ मिलकर आतंकियों के गुर्गों पर बड़ी स्ट्राइक करने का प्लान तैयार किया था। पंजाब, हरियाणा, यूपी, जेएंडके व दूसरे स्थानों पर खालिस्तानी आतंकियों को आर्थिक मदद मिलने के सभी रास्तों को बंद करने पर सहमति बनी। सभी एजेंसियां, एक तय समय में खालिस्तानी आतंकियों और इनका सहयोग करने वाले गैंगस्टर पर स्ट्राइक करेंगी।

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