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तंबाकू से बढ़े सबसे ज्यादा कैंसर के मरीज, अब नए कानून से रोकने का प्रयास करेगी सरकार

Sun, 04 Feb 2018 12:03 AM IST
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 04 Feb 2018 12:03 AM IST
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World Cancer Day: Efforts to prevent from rising cancer patients by new laws

देश के करोड़ों लोगों को कैंसर से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी योजना पर काम शुरू कर दिया है। इस बीमारी को रोकने के लिए नया विधेयक लाया जाएगा। छोटे-छोटे शहरों में भी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर लोगों की नि:शुल्क जांच सुविधा होगी। आज विश्व कैंसर दिवस है लेकिन सरकार ने इस दिवस से पहले ही नया विधेयक लाने के लिए नोटिस जारी कर दिया है।

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कैंसर से लोगों को बचाने के लिए विधेयक लाएगी सरकार
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तंबाकू नियंत्रण विभाग ने वर्ष 2015 में संशोधित सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) को वापस ले लिया है। नए कानून में इंसानों का डीएनए तक बदल देने वाली ई-सिगरेट को भी शामिल किया गया है। सूत्रों की मानें तो इस कानून के लागू होने के बाद भारत में ई-सिगरेट और उससे जुड़े उत्पादों पर पूरी तरह से रोक लगेगी।
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साल 2015 में आए संशोधित एक्ट में अब ई-सिगरेट भी होगी शामिल

डॉक्टरों के अनुसार, इंसानों का डीएनए तक बदल देती है ई-सिगरेट


देश में तंबाकू उत्पादों के बढ़ते चलन को रोकने के लिए 2015 में सरकार ने पुराने कानून में संशोधन कर नया कानून लागू किया था। इससे देश में तंबाकू उत्पादों का प्रचार प्रसार पूरी तरह से प्रतिबंधित हो गया। लेकिन इसी दौरान चीन और जापान जैसे देशों से भारी मात्रा में ई-सिगरेट का व्यापार शुरू हुआ जिसे रोकने के लिए सरकार के पास अब तक कोई कानून नहीं है। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू भी इस पर सवाल खड़े कर चुके हैं। इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने नया कानून बनाने की बात कही थी। उसी सिलसिले में अब सरकार ने नए विधेयक के लिए नोटिस जारी कर दिया है।


न्यूयॉर्क ने भी माना, बदल देती है डीएनए

दिल्ली के अतिरिक्त स्वास्थ्य निदेशक डॉ. एसके अरोड़ा का कहना है कि शहरों में ई-सिगरेट का चलन बढ़ा है। लोगों को लगता है कि इसके सेवन से निकोटिन शरीर में नहीं जाएगा जबकि ई-सिगरेट निकोटिन से भी ज्यादा घातक होता है। ई-सिगरेट के सेवन से कैंसर को पैदा करने वाले तत्व कार्सिनोजेन्स ज्यादा मात्रा में शरीर में पहुंचते हैं। हाल ही में न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी ऑफ स्कूल मेडिसिन की रिसर्च में भी इसकी पुष्टि हो चुकी है।

इस तरह बीमारी को पकड़ेगी सरकार

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि देश भर में 30 साल तक के सभी लोगों की वेलनेस सेंटर में ओरल, ब्रेस्ट और सर्विक्स कैंसर की निशुल्क जांच होगी। इसके लिए 1200 करोड़ रुपये का फंड है। फिलहाल यह 100 जिलों में शुरू किया जाएगा।

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