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तनाव: मणिपुर में अब सैन्य शिविर में काम करने वाला श्रमिक लापता, मोबाइल बंद, सेना व पुलिस चला रही तलाशी अभियान
Wed, 27 Nov 2024 05:47 AM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
Published by: शुभम कुमार
Updated Wed, 27 Nov 2024 05:47 AM IST
सार
अधिकारियों ने बताया कि इंफाल पश्चिम के लोइतांग खुनौ गांव के रहने वाले लैशराम कमलबाबू सिंह सोमवार दोपहर कांगपोकपी के लीमाखोंग सैन्य शिविर में काम पर जाने के लिए घर से निकले थे और तभी से लापता हैं। उनका मोबाइल फोन भी बंद है। पुलिस और सेना संयुक्त रूप से उनकी तलाश में जुटी हैं।
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मणिपुर में हिंसा जारी
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
मणिपुर में सेना के शिविर में काम करने वाले मेइती समुदाय के 55 वर्षीय व्यक्ति के लापता होने के कारण कांगपोकपी की सीमा से सटे इंफाल पश्चिम जिले के कुछ हिस्सों में मंगलवार को तनाव फैल गया। अधिकारियों ने बताया कि इंफाल पश्चिम के लोइतांग खुनौ गांव के रहने वाले लैशराम कमलबाबू सिंह सोमवार दोपहर कांगपोकपी के लीमाखोंग सैन्य शिविर में काम पर जाने के लिए घर से निकले थे और तभी से लापता हैं। उनका मोबाइल फोन भी बंद है। पुलिस और सेना संयुक्त रूप से उनकी तलाश में जुटी हैं।
लैशराम के परिवार ने दी जानकारी
लैशराम के परिवार के अनुसार वह लीमाखोंग सैन्य शिविर में छोटे-मोटे काम करते थे। उल्लेखनीय है कि राजधानी मणिपुर से 16 किमी दूर 57 माउंटेन डिवीजन के सैन्य शिविर का यह इलाका कुकी बहुल आबादी से घिरा हुआ है। लीमाखोंग के पास रहने वाले मेइती समुदाय के लोग जातीय हिंसा की शुरुआत के बाद से ही उस क्षेत्र को छोड़कर भाग गए हैं। पिछले वर्ष मई से अब तक जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोगों की मौत हुई है।
सीएम बीरेन सिंह का बयान
मणिपुर के जिरीबाम हत्याकांड मामले में दोषियों की गिरफ्तारी को लेकर मंगलवार को सीएम बीरेन सिंह का बयान सामने आया हैं। जिसमें उन्होंने कहा कि जिरीबाम जिले में हाल ही में तीन महिलाओं और तीन बच्चों की हत्या में शामिल अपराधियों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है लेकिन कई लोगों की पहचान कर ली गई है।
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बता दें कि 11 नवंबर को सुरक्षा बलों और संदिग्ध कुकी-जो उग्रवादियों के बीच गोलीबारी के बाद जीरीबाम जिले में राहत शिविर से मेइतेई समुदाय की तीन महिलाएं और तीन बच्चे लापता हो गए थे। मुठभेड़ में 10 उग्रवादी मारे गए थे। लापता छह लोगों के शव अगले दिन बरामद किए गए।
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लैशराम के परिवार ने दी जानकारी
लैशराम के परिवार के अनुसार वह लीमाखोंग सैन्य शिविर में छोटे-मोटे काम करते थे। उल्लेखनीय है कि राजधानी मणिपुर से 16 किमी दूर 57 माउंटेन डिवीजन के सैन्य शिविर का यह इलाका कुकी बहुल आबादी से घिरा हुआ है। लीमाखोंग के पास रहने वाले मेइती समुदाय के लोग जातीय हिंसा की शुरुआत के बाद से ही उस क्षेत्र को छोड़कर भाग गए हैं। पिछले वर्ष मई से अब तक जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोगों की मौत हुई है।
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सीएम बीरेन सिंह का बयान
मणिपुर के जिरीबाम हत्याकांड मामले में दोषियों की गिरफ्तारी को लेकर मंगलवार को सीएम बीरेन सिंह का बयान सामने आया हैं। जिसमें उन्होंने कहा कि जिरीबाम जिले में हाल ही में तीन महिलाओं और तीन बच्चों की हत्या में शामिल अपराधियों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है लेकिन कई लोगों की पहचान कर ली गई है।
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बता दें कि 11 नवंबर को सुरक्षा बलों और संदिग्ध कुकी-जो उग्रवादियों के बीच गोलीबारी के बाद जीरीबाम जिले में राहत शिविर से मेइतेई समुदाय की तीन महिलाएं और तीन बच्चे लापता हो गए थे। मुठभेड़ में 10 उग्रवादी मारे गए थे। लापता छह लोगों के शव अगले दिन बरामद किए गए।