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भारत में कोरोना वैक्सीन पर काम तेज, सरकार बनाए हुए है लगातार नजर
Tue, 18 Aug 2020 12:52 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 18 Aug 2020 12:52 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
देश दुनिया में कोरोना वायरस के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं, न जाने बढ़ते मरीजों का ये सिलसिला कहां पर जाकर थमेगा? इसी बीच इस बीमारी से निजात पाने के लिए कोरोना वैक्सीन की खोज जारी है।
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वहीं भारत सरकार ने भी कोरोना वैक्सीन पर काम तेज कर दिया है। यूके के ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका और यूनाइटेड स्टेट ऑफ मॉडर्न-एनआईएआईडी कोविड 19 का टीका विकसित कर रहे हैं, जिन पर भारत अपनी नजर बनाए हुए है। सरकार इनके ट्रायल पर नजर बनाए हुए है।
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देश में बन रही वैक्सीन को लेकर भारत के वरिष्ठ अधिकारियों सोमवार ने एक बैठक की। अब वह देश में कोरोना वैक्सीन पर काम करने वाली फार्मा कंपनियों के साथ एक बैठक करेंगे।
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सरकार भारत में बनाई जा रही वैक्सीन पर लगातार नजर बनाए हुए है। वहीं सरकार अब हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक और अहमदाबाद स्थित जायडस कैडिला के परिक्षणों को बारीकी से देखेगी। साथ ही सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया भी अस्त्राजेनेका के साथ AZD1222 वैक्सीन के उत्पादन और परीक्षण की डील कर चुकी है।
एक अधिकारी के मुताबिक भारत फिलहाल रूस द्वारा किए गए परिक्षणों पर अपनी नजर बनाए हुए है, जो पिछले सप्ताह दुनिया में कोरोना वायरस की पहली वैक्सीन बना चुका है। आगे कहा सरकार जिन वैक्सीन कैंडिडेट्स की तरफ देख रही है, उसमें ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका और मॉडर्न फेज 3 ट्रायल्स में हैं।
इसके अलावा इजरायल और जर्मनी समेत दुनिया के नौ और अन्य वैक्सीन प्रोग्रामों पर भी सरकार विचार कर रही है। जो इस बार हुई मीटिंग का हिस्सा थे। सरकार ऐसे सभी प्रोग्राम और उनके परिक्षणों पर अपनी नजर बनाए हुए है।
वर्तमान में 29 टीकों के क्लिनिकल ट्रायल दुनियाभर में चल रहे हैं। अभी 138 से ज्यादा वैक्सीन ऐसी हैं जो प्री क्लिनिकल स्टेज में हैं यानि अभी जानवरों पर ही टेस्टिंग चल रही है।
वैज्ञानिकों कहते हैं कि कोरोना वैक्सीन को आने में कम से कम अगले साल का वक्त तो लगेगा। आमतौर पर किसी सेफ वैक्सीन को बनाने और बाजार तक लाने में 10 से 12 साल लगते हैं मगर कोरोना केस को देखते हुए इस प्रक्रिया को काफी तेज किया गया है।