महाराष्ट्र: कोरोना से लड़ने में महिलाएं पुरुषों से ज्यादा मजबूत, एंटीबॉडी पर सीरो सर्वे में खुलासा
इस सर्वे के तहत खून के नमूनों की जांच कर यह पता लगाया जाता है कि लोगों में किसी वायरस के खिलाफ कितने एंटीबॉडी बने हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जीवन शैली के कारण पुरुषों का स्वास्थ्य महिलाओं के मुकाबले खराब रहता है इसलिए उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होती है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है। ऐसे में बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने आर्थिक राजधानी मुंबई में सर्वे कराया है, जिसमें यह बात सामने आई है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए अधिक एंटीबॉडी है।
बता दें, इस सर्वे के तहत खून के नमूनों की जांच कर यह पता लगाया जाता है कि लोगों में किसी वायरस के खिलाफ कितनी एंटीबॉडी बनी है। विशेषज्ञों का कहना है कि जीवन शैली के कारण पुरुषों का स्वास्थ्य महिलाओं के मुकाबले खराब रहता है इसलिए उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होती है। बता दें कि शरीर में एंटीबॉडी तभी बनती है, जब कोरोना वायरस के संपर्क में आए हुए काफी दिन बीत गए हों।
36.50 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी विकसित
बीएमसी ने मुंबई में तीसरा सीरो सर्वे कराया है, जिसमें 36.50 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी विकसित हुई है। सीरो सर्वे में कुल 10 हजार 197 लोगों की जांच की गई, जिससे पता चला कि पुरुषों में 35.02 फीसदी और महिलाओं में 37.12 फीसदी एंटीबॉडी पाई गई है।
पिछले साल देश में कोरोना संक्रमण शुरू होने के बाद मुंबई सबसे ज्यादा प्रभावित था। बीएमसी ने जुलाई 2020 में पहला और अगस्त 2020 में दूसरा सीरो सर्वे कराया था। इसके बाद मार्च 2021 बीएमसी के सभी 24 वार्डों में तीसरा सीरो सर्वे कराया गया। बीएमसी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस बार उन लोगों का सीरो सर्वे किया गया जिन्होंने अभी तक कोरोना रोधी टीका नहीं लगवाया है।
झुग्गी बस्तियों में 41.6 फीसदी एंटीबॉडी मिली
इस सर्वे में झुग्गी बस्तियों में 41.6 फीसदी एंटीबॉडी मिली है, जबकि जुलाई में हुए पहले सर्वे में इन बस्तियों में 57 फीसदी और अगस्त में हुए दूसरे सीरो सर्वे में 45 फीसदी एंटीबॉडी पाई गई थी। वहीं, तीसरे सीरो सर्वे से पता चलता है कि बिल्डिंग में रहने वालों की तुलना में झुग्गी बस्तियों में रहने वाले 41 फीसदी लोगों को कोरोना संक्रमण हुआ और उन्हें पता भी नहीं चला।
कोरोना की दूसरी लहर में मुंबई में 90 फीसदी कोरोना संक्रमित हाउसिंग सोसायटियों में मिल रहे हैं। तीसरे सीरो सर्वे में बिल्डिगों में रहने वालों में 28.5 फीसदी एंटीबॉडी पाई गई है। इमारतों में रहने वाले लोगों में हुए पहले सर्वे में 28 फीसदी और दूसरे सर्वे में 18 फीसदी एंटीबॉडी का स्वरूप सामने आया था। इससे पता चलता है कि पिछले सर्वे की तुलना में इस बार हाउसिंग सोसायटियों में रहने वालों लोगों की रोग प्रतिकारक क्षमता में वृद्धि हुई है।