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Army: तोपखाना रेजिमेंट में महिला अफसरों की हुई तैनाती, सेना ने कहा- देश सेवा के लिए बाधाएं तोड़ रहीं महिलाएं
Sun, 30 Apr 2023 05:19 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 30 Apr 2023 05:19 AM IST
सार
सेना के अनुसार, वीरता और गौरव के साथ देश की सेवा करने के लिए महिलाएं तमाम बाधाएं तोड़ रही हैं, यह महत्वपूर्ण अवसर है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पहली बार थल सेना की तोपखाना रेजिमेंट में महिला अफसरों की तैनाती को सेना में आ रहे बदलावों की प्रक्रिया के एक अहम हिस्से की तरह देखा जा रहा है। सेना के अनुसार, वीरता और गौरव के साथ देश की सेवा करने के लिए महिलाएं तमाम बाधाएं तोड़ रही हैं, यह महत्वपूर्ण अवसर है।
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जनवरी में सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने घोषणा की थी कि तोपखाना यूनिट्स में महिला सैन्य अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। इस प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने अनुमति दी थी। साल 2019 से भारतीय सेना पुलिस के जरिये महिलाओं को सेना में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इनकी भूमिका कैंटोनमेंट व सैन्य परिसरों में पुलिस व्यवस्था संभालना, सैनिकों द्वारा नियमों व कानूनों का उल्लंघन रोकना, सैनिकों के आवागमन व रसद आपूर्ति की देखरेख और जरूरत के वक्त नागरिक पुलिस से समन्वय आदि में अहम होती है।
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दुनिया की सबसे ऊंची युद्ध भूमि पर महिला अफसर जनवरी में सेना की इंजीनियर कोर ने सियाचिन ग्लेशियर पर कैप्टन शिवा चौहान को फ्रंटलाइन पर तैनात किया था। यह दुनिया में सबसे ऊंची युद्ध भूमि पर पहली बार एक महिला सैन्य अधिकारी की तैनाती थी।
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लेफ्टिनेंट बनकर गर्व महसूस हो रहा
पति की शहादत के बाद ही मैंने भारतीय सेना में जाने का निर्णय ले लिया था, उसी समय तैयारियां शुरू कर दी थीं। आज प्रशिक्षण पूरा करने पर और लेफ्टिनेंट बनकर गर्व महसूस हो रहा है। सभी महिला अधिकारियों को मेरा सुझाव है, वे चाहे जिस क्षेत्र में हों, खुद पर विश्वास रखें और जो करना चाहती हैं, जरूर करें। दूसरे क्या सोच रहे हैं, आप यह न सोचें। -लेफ्टिनेंट रेखा सिंह (गलवां में शहीद नायक दीपक सिंह की पत्नी)
मेरे पिता भी भारतीय सेना में सेवारत हैं। इसी वजह से जब आर्टिलरी में महिला अभ्यर्थियों की तैनाती शुरू करने की घोषणा हुई, तो मैं स्वाभाविक तौर पर इस ओर आकर्षित हुई। मेरा उन सभी महिलाओं को एक संदेश है, जो सेना से जुड़ना चाहती हैं-यह सबसे अच्छा चुनाव है, किसी तरह का संदेह न रखें, सेना से जरूर जुड़ें। - लेफ्टिनेंट अदिति यादव
मुझे बचपन से ही मेरे पिता ने सेना में आने के लिए प्रेरित किया। आर्टिलरी से जुड़ने का विकल्प महिलाओं के लिए अहम अवसर बना। जो महिलाएं सेना से जुड़ना चाहती हैं, उन्हें कहना चाहूंगी कि यहां आकर वे अपनी क्षमताएं पहचान सकती हैं। - लेफ्टिनेंट साक्षी
हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़े चीनी जहाजों पर हमारी नजर : नौसेना प्रमुख
नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में चीनी जहाजों की उपस्थिति बढ़ी है। भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए इस क्षेत्र में हर गतिविधि पर करीबी नजर रख रहा है।
यहां एक कार्यक्रम के दौरान एडमिरल कुमार ने कहा कि भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के बंदरगाहों पर भी चीनी जहाजों के होने की जानकारी है और वह इस पर नजर रख रही है। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना की भूमिका समुद्री क्षेत्र में राष्ट्रीय हितों की संरक्षा, सुरक्षा और बढ़ावा देना है। वह खतरों और चुनौतियां का भी आकलन करती है।