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महिला ने रास्ते में दिया था बच्चे को जन्म, मानवाधिकार आयोग ने महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश सरकार को भेजा नोटिस
Thu, 14 May 2020 07:50 PM IST
Rohit Ojha
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rohit Ojha
Updated Thu, 14 May 2020 07:50 PM IST
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग
लॉकडाउन के चलते महाराष्ट्र के नासिक से मध्यप्रदेश के सतना पैदल ही वापस जा रही एक गर्भवती महिला ने बुधवार को रास्ते में एक बच्चे को जन्म दिया। मीडिया रिपोर्ट की जांच के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश की सरकारों को नोटिस जारी किया है।
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मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि राज्य के अधिकारियों की लापरवाही के कारण महिला के मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। महिला के जीवन और उसके सम्मान के अधिकारों का घोर उल्लंघन किया गया है। आयोग ने इस घटना को 'मातृत्व का अनादर' करार दिया।
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रिपोर्ट के मुताबिक, गर्भवती महिला अपने पति के साथ नासिक से सतना के लिए पैदल ही निकली थी और इसी दौरान रास्ते में महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दिया। आयोग ने एक बयान में कहा कि बच्चे को जन्म देने के बाद महिला ने सिर्फ दो घंटे आराम किया और इसके बाद बाकी 150 किलोमीटर की यात्रा शुरू की।
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आयोग ने इस घटना को राज्य के अधिकारियों की सरासर लापरवाही माना, जिसके कारण पीड़ित महिला के मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ। बयान के मुताबिक, गरीब महिला के जीवन और सम्मान के अधिकारों का घोर उल्लंघन हुआ।
आयोग ने दोनों राज्य के मुख्य सचिवों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है। साथ ही महिला और उसके बच्चे के स्वास्थ्य की स्थिति और यदि राज्य सरकारों की तरफ से कोई सहायता पीड़ित परिवार को मुहैया कराई गई है तो उसका भी ब्यौरा देने को कहा है।